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अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio और भारत के विदेश मंत्री S. Jaishankar के बीच नई दिल्ली में हुई संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस ने भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है। दोनों नेताओं ने रक्षा, व्यापार, तकनीक और वीजा सुधार जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से बात की। मार्को रूबियो ने कहा कि भारत और अमेरिका केवल सहयोगी देश नहीं हैं, बल्कि साझा हितों वाले रणनीतिक साझेदार हैं। उन्होंने भारतीय कंपनियों के अमेरिकी अर्थव्यवस्था में बढ़ते निवेश की सराहना की और कहा कि अमेरिका भारतीय प्रतिभाओं का सम्मान करता है। वहीं, वीजा नियमों में बदलाव को लेकर उन्होंने साफ किया कि यह सुधार पूरी दुनिया के लिए लागू किए जा रहे हैं, केवल भारत के लिए नहीं।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने रक्षा सहयोग को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि दोनों देशों ने रक्षा साझेदारी फ्रेमवर्क को रिन्यू किया है और अंडरवाटर डोमेन अवेयरनेस रोडमैप पर भी सहमति बनी है। इसके अलावा व्यापार समझौते को लेकर भी सकारात्मक बातचीत हुई। विशेषज्ञ मानते हैं कि भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी आने वाले समय में इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की राजनीति और वैश्विक आर्थिक संतुलन में अहम भूमिका निभा सकती है।
FAQ
सवाल: भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी पर क्या चर्चा हुई?
जवाब: दोनों देशों ने रक्षा, व्यापार, तकनीक और वीजा सुधारों पर चर्चा की।
सवाल: वीजा बदलावों पर अमेरिका ने क्या कहा?
जवाब: अमेरिका ने कहा कि इमिग्रेशन सुधार वैश्विक स्तर पर लागू किए जा रहे हैं।
सवाल: रक्षा सहयोग में क्या नया हुआ?
जवाब: दोनों देशों ने रक्षा साझेदारी फ्रेमवर्क को रिन्यू किया है।