जून में थोक महंगाई दर गिरकर 14 महीने के निचले स्तर -0.13% पर पहुंची

“जून में थोक महंगाई दर घटकर (-)0.13% पर, खाद्य कीमतों में गिरावट मुख्य कारण“

जून 2025 में भारत की थोक महंगाई दर घटकर (-)0.13 प्रतिशत पर आ गई है। यह गिरावट मुख्य रूप से खाद्य उत्पादों की कीमतों में कमी के कारण हुई है। यह जानकारी केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा सोमवार को जारी किए गए आंकड़ों से सामने आई है।

गौरतलब है कि मई 2025 में थोक महंगाई दर 0.39 प्रतिशत रही थी। यह इस वर्ष पहली बार है जब थोक मूल्य सूचकांक (WPI) आधारित महंगाई दर नकारात्मक क्षेत्र में पहुंची है और 14 महीने के सबसे निचले स्तर पर दर्ज की गई है।

प्रमुख आंकड़े इस प्रकार हैं:

  • खाद्य उत्पादों पर महंगाई दर जून में (-)3.75% रही, जो मई में (-)1.56% थी।
  • प्राथमिक वस्तुओं पर महंगाई दर घटकर (-)3.38% रही, जो मई में (-)2.02% थी।
  • ईंधन और बिजली की महंगाई दर जून में (-)2.65%, जबकि मई में यह (-)2.27% थी।
  • मैन्युफैक्चरिंग उत्पादों की महंगाई दर जून में 1.97% रही।

खाद्य वस्तुओं में प्रमुख बदलाव:

  • सब्जियों की महंगाई दर जून में (-)22.65% दर्ज की गई (मई में -21.62%)
  • दालों में (-)14.09%,
  • गेहूं में 3.77%,
  • अंडे, मांस और मछली में (-)0.29%,
  • आलू में (-)32.67%,
  • प्याज में (-)33.49% रही।

इस डेटा के आने से कुछ ही समय पहले, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए महंगाई दर अनुमान को 4% से घटाकर 3.7% कर दिया था। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया था कि पिछले छह महीनों में महंगाई दर में निरंतर गिरावट आई है और यह अक्टूबर 2024 के सहनशीलता बैंड से नीचे आ चुकी है।

उन्होंने यह भी कहा कि अब नीति निर्माताओं को इस बात का भरोसा है कि मूल महंगाई दर 4 प्रतिशत से नीचे बनी रह सकती है, और वर्ष के दौरान यह लक्ष्य से कुछ कम भी रह सकती है।

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