लाल किले पर वंदे मातरम्: 80वें स्वतंत्रता दिवस पर पहली बार हुई विशेष प्रस्तुति

लाल किले पर वंदे मातरम्

नई दिल्ली में 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान ऐतिहासिक लाल किले पर एक खास पल देखने को मिला। पहली बार राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ की प्रस्तुति स्वतंत्रता दिवस समारोह का हिस्सा बनी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से राष्ट्रीय समारोह का नेतृत्व किया। इस विशेष आयोजन ने स्वतंत्रता दिवस के उत्साह को राष्ट्रीय गीत की ऐतिहासिक विरासत से जोड़ा।

लाल किले पर वंदे मातरम् की प्रस्तुति इसलिए भी महत्वपूर्ण रही, क्योंकि वर्ष 2026 में ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने को विशेष रूप से रेखांकित किया गया। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान यह गीत देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता की मजबूत आवाज बना था। बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की यह रचना आज भी भारतीयों के मन में विशेष स्थान रखती है।

लाल किले पर वंदे मातरम् ने बढ़ाया समारोह का गौरव

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को लाल किले पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया और देश को संबोधित किया। समारोह में लाल किले पर वंदे मातरम् की प्रस्तुति ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। यह अवसर भारत के स्वतंत्रता संग्राम की विरासत को नई पीढ़ी से जोड़ने का माध्यम भी बना।

80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में युवा शक्ति और विकसित भारत@2047 की सोच को भी प्रमुखता दी गई।

इससे देश के भविष्य में युवाओं की भूमिका का संदेश सामने आया।

FAQ

प्रश्न: लाल किले पर इस स्वतंत्रता दिवस पर क्या खास हुआ?
उत्तर: पहली बार स्वतंत्रता दिवस समारोह में ‘वंदे मातरम्’ की विशेष प्रस्तुति शामिल की गई।

प्रश्न: 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह का नेतृत्व किसने किया?
उत्तर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से समारोह का नेतृत्व किया।

प्रश्न: वंदे मातरम् किसने लिखा था?
उत्तर: ‘वंदे मातरम्’ की रचना बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने की थी।

Amit Kumar | Vishwas Parkash

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