उत्तराखंड : राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन में स्वास्थ्य विभाग का अहम योगदान

“38वें राष्ट्रीय खेलों में स्वास्थ्य विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका“

38वें राष्ट्रीय खेलों के दौरान स्वास्थ्य विभाग का अहम योगदान रहा। खिलाड़ियों के उपचार और उन्हें उच्चस्तरीय सुविधाएं देने के लिए विभाग ने व्यापक स्तर पर तैयारियां की थीं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें सभी खेल स्टेडियमों और निकटवर्ती स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनात रहीं।

स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत राष्ट्रीय खेलों के लिए चाक-चौबंद व्यवस्थाएं की गई थीं। उन्होंने कहा, “38वें राष्ट्रीय खेल हमारे राज्य के लिए ऐतिहासिक और गौरवशाली क्षण थे। खिलाड़ियों और मेहमानों को उच्चतम स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करना हमारी प्रमुख प्राथमिकता थी, जिसे हमने सफलतापूर्वक सुनिश्चित किया। हमारी टीम ने खिलाड़ियों और मेहमानों की हर छोटी-बड़ी जरूरत का ख्याल रखा।”

स्वास्थ्य सेवाओं की सतत मॉनिटरिंग की जा रही थी। स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि देहरादून, टिहरी, नैनीताल, हरिद्वार, उधमसिंहनगर, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, पौड़ी, और चंपावत जनपदों में आयोजित खेल प्रतियोगिताओं के दौरान खिलाड़ियों को जरूरत पड़ने पर तत्काल चिकित्सा सहायता प्रदान की गई। अधिकांश मामले मसल्स पेन, मोच, हल्की चोट, डिहाइड्रेशन, बुखार और बदन दर्द से संबंधित थे।

मेडिकल टीमें हर समय सतर्क स्वास्थ्य विभाग की मेडिकल टीमें 9 जनपदों के 11 खेल स्थलों पर तैनात रहीं और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार थीं। स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि स्टेडियम और स्वास्थ्य केंद्रों में मेडिकल टीमें 24 घंटे तैनात रहीं। उन्होंने खेलों के दौरान उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए सभी डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ और अन्य सहयोगियों की सराहना की।

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