राजस्थान की रोहिणी गुर्जर RAS सफलता की कहानी उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपने सपनों को पूरा करना चाहते हैं। अजमेर के घूघरा गांव की रहने वाली रोहिणी ने व्यक्तिगत दुख और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच राजस्थान प्रशासनिक सेवा की संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा में सफलता हासिल की।
15 साल बाद दोबारा शुरू की पढ़ाई
रिपोर्टों के अनुसार, रोहिणी गुर्जर ने वर्ष 2006 में स्नातक की पढ़ाई पूरी की थी। विवाह और पारिवारिक जिम्मेदारियों के कारण उनकी पढ़ाई रुक गई। वर्ष 2021 में पति के निधन के बाद उन्होंने करीब 15 साल के अंतराल पर दोबारा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू की।
हालांकि, उनकी जिंदगी में मुश्किलें यहीं समाप्त नहीं हुईं। जून 2024 में उनकी दस वर्षीय बेटी का निधन हो गया। इसके बाद एक सड़क दुर्घटना में उनकी आंख भी चोटिल हुई। इन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने तैयारी जारी रखी।
रोहिणी गुर्जर RAS सफलता से युवाओं को मिली प्रेरणा
उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, रोहिणी ने RAS भर्ती 2024 में एमबीसी विधवा श्रेणी में दूसरी रैंक हासिल की।
उन्हें राजस्थान लेखा सेवा आवंटित हुई।
उनकी उपलब्धि बताती है कि कठिन परिस्थितियों में भी शिक्षा और आत्मविश्वास महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
रोहिणी की कहानी विशेष रूप से उन महिलाओं के लिए प्रेरक है,
जो पारिवारिक जिम्मेदारियों के साथ अपने करियर को नई दिशा देना चाहती हैं।
FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न 1: रोहिणी गुर्जर कौन हैं?
उत्तर: रोहिणी गुर्जर राजस्थान के अजमेर जिले की निवासी हैं, जिन्होंने RAS भर्ती परीक्षा में सफलता हासिल की।
प्रश्न 2: रोहिणी गुर्जर को कौन-सी रैंक मिली?
उत्तर: मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उन्हें RAS भर्ती 2024 में एमबीसी विधवा श्रेणी में दूसरी रैंक मिली।

