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भारत में रेलवे विद्युतीकरण का सफर करीब एक सदी पुराना है। देश में इसकी शुरुआत वर्ष 1925 में हुई थी। हालांकि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अनुसार, लगभग 90 वर्षों में रेलवे नेटवर्क का करीब 30 प्रतिशत हिस्सा ही विद्युतीकृत हो पाया था। पिछले एक दशक में इस काम की रफ्तार में बड़ा बदलाव देखने को मिला।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस उपलब्धि का जिक्र करते हुए कहा, “हमारी रफ्तार देखिए, लक्ष्य को पाने के लिए हमारी दौड़ देख लीजिए, हमने एक दशक में ही शत-प्रतिशत काम पूरा कर दिखाया।”
रेलवे विद्युतीकरण से बदली तस्वीर
भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण का अहम हिस्सा है। इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन से डीजल पर निर्भरता कम करने में मदद मिलती है। साथ ही रेलवे को अधिक ऊर्जा-कुशल बनाने की दिशा में भी यह महत्वपूर्ण कदम है।
रेलवे भारत की परिवहन व्यवस्था की रीढ़ है। हर दिन लाखों यात्री ट्रेनों से सफर करते हैं।
इसके अलावा माल ढुलाई में भी रेलवे की बड़ी भूमिका है। ऐसे में नेटवर्क का विद्युतीकरण देश की परिवहन क्षमता को मजबूत करने में अहम माना जाता है।
आधुनिक रेलवे की ओर बढ़ते कदम
इलेक्ट्रिक रेल नेटवर्क के विस्तार के साथ भारतीय रेलवे नई तकनीक और आधुनिक सुविधाओं की ओर आगे बढ़ रहा है।
स्टेशन पुनर्विकास, आधुनिक ट्रेनें और सुरक्षा तकनीक भी इसी बदलाव का हिस्सा हैं।
प्रधानमंत्री ने रेलवे की प्रगति को देश की तेज कार्य गति का उदाहरण बताया।
उनका कहना है कि भारत अब बड़े लक्ष्य तय करके उन्हें तेजी से पूरा करने की क्षमता दिखा रहा है।
FAQ
रेलवे विद्युतीकरण भारत में कब शुरू हुआ?
भारत में रेलवे विद्युतीकरण की शुरुआत वर्ष 1925 में हुई थी।
रेलवे विद्युतीकरण का मुख्य फायदा क्या है?
इससे डीजल पर निर्भरता घटाने, ऊर्जा दक्षता बढ़ाने और रेलवे को आधुनिक बनाने में मदद मिलती है।