“मंडी – जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल के कारण स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर असर पड़ा है। “

डॉक्टरों का कहना है कि पिछले कई महीनों से उन्हें सरकार द्वारा दिया जाने वाला स्टाइपेंड नहीं मिला है, जिससे उनकी दैनिक जरूरतों को पूरा करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

हड़ताल का कारण:

  • जूनियर रेजिडेंट चिकित्सकों का आरोप है कि लंबे समय से स्टाइपेंड भुगतान में देरी हो रही है।
  • डॉक्टरों ने इस मुद्दे को लेकर बार-बार कॉलेज प्रबंधन और उच्चाधिकारियों से संपर्क किया, लेकिन केवल आश्वासन ही मिला।
  • हड़ताल की अगुवाई कर रहे जूनियर रेजिडेंट अध्यक्ष डॉ. पारस रत्न ने बताया कि स्टाइपेंड जल्द मिलने का वादा किया गया था, लेकिन अब तक यह समस्या बनी हुई है।

संभावित प्रभाव:

  • डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द स्टाइपेंड नहीं मिला, तो इंटर्न भी हड़ताल में शामिल हो सकते हैं।
  • स्वास्थ्य सेवाएं पहले से ही प्रभावित हो चुकी हैं, और हड़ताल जारी रहने से स्थिति और बिगड़ने की आशंका है।

डॉक्टरों की मांग:

  • हड़तालरत डॉक्टरों का कहना है कि यदि उन्हें तुरंत स्टाइपेंड मिल जाता है, तो वे अपनी हड़ताल समाप्त करने को तैयार हैं।
  • अन्यथा, यह हड़ताल तब तक जारी रहेगी जब तक उनकी मांग पूरी नहीं हो जाती।

इस स्थिति में सरकार और प्रबंधन पर दबाव बढ़ता जा रहा है, क्योंकि मरीजों को स्वास्थ्य सेवाओं की कमी के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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