बहरेपन के इलाज में बड़ी कामयाबी: नई जीन थेरेपी से सुनने की क्षमता में सुधार

“जन्मजात बहरेपन के इलाज में क्रांतिकारी खोज, जीन थेरेपी से मिली सुनने की शक्ति“

वैज्ञानिकों ने एक नई जीन थेरेपी विकसित की है, जो जन्मजात बहरापन या गंभीर श्रवण समस्या से जूझ रहे बच्चों और वयस्कों के लिए एक बड़ी उम्मीद बनकर उभरी है। यह breakthrough थेरेपी स्वीडन और चीन के शोधकर्ताओं की संयुक्त टीम ने विकसित की है और इसका सफल परीक्षण किया गया है, जिसमें 10 मरीजों की सुनने की क्षमता में उल्लेखनीय सुधार देखा गया। यह अध्ययन प्रतिष्ठित ‘नेचर मेडिसिन’ जर्नल में प्रकाशित हुआ है।

कैसे काम करती है यह जीन थेरेपी?

इस अध्ययन में 1 से 24 साल की उम्र के 10 मरीज शामिल थे, जो ओटीओएफ (OTOF) जीन में म्यूटेशन के कारण बहरेपन से पीड़ित थे। यह म्यूटेशन ओटोफेर्लिन प्रोटीन की कमी करता है, जो ध्वनि संकेतों को कान से मस्तिष्क तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाता है।

थेरेपी के तहत, वैज्ञानिकों ने एक सिंथेटिक वायरस (AAV) के जरिए ओटीओएफ जीन का कार्यशील संस्करण मरीजों के कान के अंदर (कोक्लिया) में पहुंचाया। यह इंजेक्शन राउंड विंडो नाम की झिल्ली के माध्यम से दिया गया।

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