नई दिल्ली, 14 अक्टूबर 2026। भारत में सेमीकंडक्टर उद्योग को मजबूत बनाने के लिए सरकार घरेलू चिप निर्माण और तकनीकी निवेश को प्रोत्साहित कर रही है। इसका उद्देश्य विदेशी आपूर्ति पर निर्भरता कम करना और देश में इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन को बढ़ावा देना है।
सेमीकंडक्टर चिप का इस्तेमाल स्मार्टफोन, कंप्यूटर, इलेक्ट्रिक वाहन, चिकित्सा उपकरण और रक्षा प्रणालियों में होता है। बढ़ती तकनीकी जरूरतों को देखते हुए भारत अपनी उत्पादन क्षमता विकसित करने पर ध्यान दे रहा है।
भारत में सेमीकंडक्टर उद्योग को मिलेगी नई पहचान
इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के तहत गुजरात और असम सहित विभिन्न राज्यों में चिप निर्माण, असेंबली और परीक्षण से जुड़ी परियोजनाएं विकसित की जा रही हैं।
गुजरात के धोलेरा में टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और ताइवान की पीएसएमसी के सहयोग से सेमीकंडक्टर संयंत्र विकसित किया जा रहा है।
वहीं, असम में भी चिप असेंबली और परीक्षण परियोजना पर काम किया जा रहा है।
इन परियोजनाओं से इंजीनियरिंग, अनुसंधान और तकनीकी सेवाओं में रोजगार की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।
हालांकि, इनके वास्तविक लाभ उत्पादन शुरू होने और बाजार की मांग पर निर्भर करेंगे।
विशेषज्ञों के अनुसार, भारत को आधुनिक मशीनों, प्रशिक्षित कर्मचारियों और मजबूत सप्लाई चेन पर विशेष ध्यान देना होगा।
FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न 1: सेमीकंडक्टर चिप का उपयोग कहां होता है?
उत्तर: इसका इस्तेमाल मोबाइल, कंप्यूटर, इलेक्ट्रिक वाहन और आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में होता है।
प्रश्न 2: स्वदेशी चिप निर्माण से क्या फायदा होगा?
उत्तर: इससे घरेलू उत्पादन, तकनीकी क्षमता और रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं।
