नई दिल्ली। INDIA गठबंधन का विरोध प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर राजनीतिक चर्चा का विषय बना। विपक्षी दलों ने 30 अक्टूबर 2026 को प्रतीकात्मक विरोध कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा की थी। हालांकि, बारिश के कारण कार्यक्रम की तारीख बदलकर 31 अक्टूबर कर दी गई।
INDIA गठबंधन का विरोध प्रदर्शन क्यों हुआ?
विपक्षी दलों ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनावी पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाए। उनका आरोप था कि मतदाता सूची में संशोधन के दौरान पात्र मतदाताओं के नाम हटने का खतरा है।
वहीं, चुनाव आयोग ने चुनावी प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोपों को खारिज किया है। आयोग का कहना है कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के अनुसार किया जाता है।
विपक्ष ने चुनाव आयोग से क्या मांग की?
कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की मांग उठाई।
साथ ही, उन्होंने मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा पर जोर दिया।
विपक्ष का प्रतीकात्मक ‘सार्वजनिक महाभियोग’ संवैधानिक महाभियोग की औपचारिक प्रक्रिया नहीं था।
मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के लिए संविधान में अलग प्रक्रिया निर्धारित है।
FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न 1: विरोध कार्यक्रम कब निर्धारित था?
उत्तर: शुरुआत में 30 अक्टूबर 2026 की तारीख तय हुई थी। बाद में इसे 31 अक्टूबर कर दिया गया।
प्रश्न 2: विरोध का प्रमुख मुद्दा क्या था?
उत्तर: मतदाता सूची पुनरीक्षण, चुनावी पारदर्शिता और चुनाव आयोग की जवाबदेही प्रमुख मुद्दे थे।

