चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट दर्जा प्राप्त मंडी के बच्चों ने आखिरी दिन चंडीगढ़ की सैर

“मंडी के बच्चों ने चंडीगढ़ और वाघा बॉर्डर का किया रोमांचक दौरा“

मंडी जिले के चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट दर्जा प्राप्त बच्चों ने मंगलवार को अपने तीसरे और अंतिम दिन चंडीगढ़ की सैर की। वे चंडीगढ़ आने से पहले अटारी-वाघा बॉर्डर का दौरा कर देर रात वापस लौटे थे। बच्चों का रात्रि ठहराव होटल डायमंड प्लाजा में किया गया था।

चंडीगढ़ में प्रमुख स्थानों का भ्रमण

बच्चों ने चंडीगढ़ में कई महत्वपूर्ण स्थलों का दौरा किया, जिसमें शामिल थे:

  • नेक चंद रॉक गार्डन:
    बच्चों को रॉक गार्डन की कला और इसके शिल्पकार नेक चंद के बारे में जानकारी दी गई। जिला बाल संरक्षण अधिकारी एन.आर. ठाकुर ने बताया कि कैसे नेक चंद ने इस्तेमाल की गई वस्तुओं और कचरे से यह अद्भुत कलाकृति बनाई।
  • सूखना झील
  • रोज गार्डन
  • सेक्टर 17 मार्केट

वाघा बॉर्डर पर देशभक्ति का अनुभव

बच्चों ने वाघा बॉर्डर पर आयोजित रिट्रीट सेरेमनी का आनंद लिया। बीएसएफ जवानों की परेड, बहादुरी और देशभक्ति से भरे करतब देखकर बच्चे बेहद प्रेरित हुए।

  • कई बच्चों ने भारतीय सेना में शामिल होने की प्रेरणा ली।
  • एडीसी रोहित राठौर की व्यवस्था के चलते बच्चों को वीआईपी पास के माध्यम से इस सेरेमनी को बेहद करीब से देखने का मौका मिला।

शिक्षाप्रद यात्रा का समापन

  • बच्चों ने रॉक गार्डन को देखकर यह सीखा कि कैसे कचरे से भी खूबसूरत और उपयोगी चीजें बनाई जा सकती हैं।
  • इस यात्रा ने बच्चों को राष्ट्रभक्ति, संस्कृति, और कलात्मकता का अद्भुत अनुभव दिया।

शाम को बच्चे चंडीगढ़ से मंडी लौट आए। इस पूरी यात्रा को जिला प्रशासन ने सुविधाजनक और यादगार बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। यह दौरा बच्चों के लिए न केवल रोमांचक था, बल्कि उन्हें जीवन और राष्ट्र के प्रति नई सीख भी प्रदान कर गया।

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