ओमान के पास स्ट्रेट ऑफ होर्मुज क्षेत्र में पनामा-ध्वज वाले तेल टैंकर ‘अल गाया’ को लेकर अमेरिका और ईरान के दावे आमने-सामने हैं। अल गाया टैंकर विवाद में ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) और अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने घटना की वजह को लेकर अलग-अलग बयान दिए हैं।
अल गाया टैंकर विवाद पर IRGC का दावा
IRGC का दावा है कि अल गाया टैंकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के दक्षिण में एक प्रतिबंधित क्षेत्र से गुजरने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान जहाज कथित तौर पर नौसैनिक बारूदी सुरंग से टकराया। ईरानी पक्ष के मुताबिक, इसके बाद जहाज में भीषण आग लग गई और वह गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया।
हालांकि, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ईरान के इस दावे को खारिज किया है।
CENTCOM के अनुसार, टैंकर को पहले कथित ईरानी मिसाइल हमले में निशाना बनाया गया था, जिससे वह परिचालन योग्य नहीं रहा। इसके बाद ओमान के तट के पास खड़े जहाज पर कथित तौर पर ईरानी ड्रोन से दूसरा हमला हुआ।
होर्मुज में तनाव क्यों अहम?
अल गाया टैंकर विवाद इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का प्रमुख समुद्री मार्ग है।
यहां तनाव बढ़ने से तेल परिवहन और समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ सकती है।
फिलहाल दोनों पक्षों के दावे एक-दूसरे से अलग हैं।
ऐसे में स्वतंत्र जांच और तकनीकी साक्ष्य घटना की वास्तविक वजह स्पष्ट करने में अहम होंगे।
FAQ
सवाल: अल गाया टैंकर किस देश के झंडे वाला है?
जवाब: उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यह पनामा-ध्वज वाला तेल टैंकर है।
सवाल: अमेरिका और ईरान में विवाद क्यों है?
जवाब: IRGC घटना को समुद्री सुरंग से जोड़ रहा है, जबकि CENTCOM मिसाइल और ड्रोन हमले का दावा कर रहा है।

