भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने न्यायपालिका शिकायत निवारण तंत्र को लेकर महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट ने न्यायाधीशों के खिलाफ मिलने वाली शिकायतों के समाधान के लिए मजबूत, सक्रिय और समयबद्ध व्यवस्था विकसित की है। इसके साथ ही उन्होंने न्यायपालिका में लगातार सुधार और अधिक पारदर्शिता की जरूरत पर जोर दिया।
CJI सूर्यकांत के मुताबिक, न्यायिक व्यवस्था में जनता का विश्वास बनाए रखना बेहद महत्वपूर्ण है। इसके लिए शिकायतों के निपटारे की प्रक्रिया प्रभावी और निष्पक्ष होनी चाहिए। उन्होंने संकेत दिया कि मौजूदा व्यवस्था मजबूत है, लेकिन समय के साथ इसमें सुधार की प्रक्रिया जारी रहनी चाहिए।
न्यायपालिका शिकायत निवारण तंत्र में पारदर्शिता पर जोर
मुख्य न्यायाधीश ने न्यायिक स्वतंत्रता के साथ जवाबदेही को भी अहम बताया।
न्यायाधीशों के खिलाफ आने वाली शिकायतें संवेदनशील होती हैं।
इसलिए ऐसी शिकायतों पर तय प्रक्रिया के तहत समयबद्ध तरीके से कार्रवाई महत्वपूर्ण है।
सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट की ओर से विकसित न्यायपालिका शिकायत निवारण तंत्र का उद्देश्य संस्थागत जवाबदेही को मजबूत करना है। वहीं,
अधिक पारदर्शिता न्यायपालिका के प्रति आम लोगों के भरोसे को और मजबूत कर सकती है।
FAQ
प्रश्न: CJI सूर्यकांत ने शिकायत निवारण व्यवस्था पर क्या कहा?
उत्तर: उन्होंने सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट की व्यवस्था को मजबूत, सक्रिय और समयबद्ध बताया।
प्रश्न: CJI ने किस बात पर अधिक जोर दिया?
उत्तर: उन्होंने न्यायपालिका में निरंतर सुधार और अधिक पारदर्शिता की आवश्यकता पर जोर दिया।

