“खरीफ सीजन में किसानों को पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए सरकार प्रतिबद्ध: समीक्षा बैठक में निर्देश जारी”


प्रदेश सरकार ने खरीफ फसलों की रोपाई और गन्ने की खड़ी फसल में टॉप ड्रेसिंग के लिए किसानों को समय पर और पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। वर्तमान में राज्य में 9.18 लाख मीट्रिक टन यूरिया और 5.58 लाख मीट्रिक टन फास्फेटिक उर्वरक (DAP, NPK) उपलब्ध हैं, जिन्हें सहकारी और निजी क्षेत्रों के माध्यम से वितरित किया जा रहा है।

समीक्षा बैठक में हुआ गहन मूल्यांकन

राज्य के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने मंगलवार को विधान सभा में उर्वरक विनिर्माताओं और आपूर्ति कंपनियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। इस बैठक में खरीफ सीजन हेतु भारत सरकार द्वारा आवंटित 10 लाख मीट्रिक टन यूरिया की आपूर्ति की प्रगति की समीक्षा की गई।

अब तक केवल 5.37 लाख मीट्रिक टन (59%) यूरिया की आपूर्ति हुई है। निम्न आपूर्ति दर के चलते मंत्री ने असंतोष जताया और कंपनियों को समयबद्ध आपूर्ति के निर्देश दिए।

  • कृभको: 36%
  • इफको: 55%
  • आरसीएफ: 63%
  • आईपीएल: मात्र 8%

कंपनियों को निर्देश और आश्वासन

  • कृभको को शाहजहांपुर संयंत्र से शेष यूरिया तत्काल भेजने के निर्देश
  • एनएफएल ने आश्वासन दिया कि जुलाई में ही 14122 मीट्रिक टन यूरिया भेजेगा
  • आरसीएफ: अगले 3 दिनों में तीन रैक भेजेगा
  • इफको: जल्द ही 21000 मीट्रिक टन भेजने जा रही है

वितरण व्यवस्था और निगरानी

  • सभी कंपनियों को निर्देशित किया गया कि वे एफओआर (Free on Rail/Road) आधार पर फुटकर विक्रेताओं तक समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करें
  • किसी भी स्थान पर ओवररेटिंग, टैगिंग या जबरन अन्य उत्पाद की बिक्री पाए जाने पर एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी

आंकड़े और वितरण

1 जुलाई से 29 जुलाई के बीच केंद्र से 176 रैक यूरिया भेजे गए, जिनमें से 151 रैक प्रदेश को मिल चुके हैं और 25 रैक रास्ते में हैं।
दैनिक खपत: 48,384 मीट्रिक टन
दैनिक आपूर्ति: मात्र 18,187 मीट्रिक टन

इस अंतर को देखते हुए राज्य सरकार ने आदेश दिया है कि निजी क्षेत्र द्वारा वितरित उर्वरकों में से 50% मात्रा सहकारी समितियों को दी जाए, ताकि किसान विश्वसनीय माध्यम से खाद प्राप्त कर सकें।

विशेष निगरानी और कार्रवाई

  • सीमावर्ती जिलों में उर्वरक आपूर्ति पर विशेष निगरानी
  • टेक्निकल ग्रेड यूरिया के बजाय अनुदानित यूरिया का उपयोग पाए जाने पर प्लाईवुड, पोल्ट्री और पेंट उद्योगों पर एफआईआर का आदेश

किसानों से अपील

  • किसान जरूरत के अनुसार ही उर्वरक खरीदें, भंडारण से बचें
  • ओवररेटिंग, टैगिंग या कालाबाजारी की शिकायतें जिला स्तर पर या राज्य नियंत्रण कक्ष लखनऊ (0522-2209650) पर दर्ज कराई जा सकती हैं

मंडलवार उपलब्धता

यूरिया और फास्फेटिक उर्वरकों की सबसे अधिक उपलब्धता कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, लखनऊ, आगरा, अलीगढ़ और बरेली मंडलों में दर्ज की गई है।

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