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“दिव्यांगजनों को त्वरित न्याय दे रही है उत्तर प्रदेश सरकार, IGRS बना भरोसेमंद मंच“
उत्तर प्रदेश में दिव्यांगजनों को अब अपनी समस्याओं के समाधान के लिए लंबे इंतजार की आवश्यकता नहीं रह गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार ने समन्वित शिकायत निवारण प्रणाली (IGRS) को अत्यधिक प्रभावी बनाते हुए दिव्यांगजनों को समयबद्ध राहत प्रदान करने में उल्लेखनीय कार्य किया है।
आंकड़े बताते हैं तेजी से हो रहा समाधान
दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, ऑनलाइन पोर्टल, पीजी पोर्टल और मुख्यमंत्री संदर्भ के माध्यम से 2,699 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 2,660 का समाधान किया जा चुका है। केवल 39 शिकायतें लंबित हैं और विशेष बात यह है कि कोई भी शिकायत ‘डिफॉल्टर’ श्रेणी में नहीं है। यह दर्शाता है कि प्रशासन इन मामलों को गंभीरता से लेकर प्रभावी कार्रवाई कर रहा है।
विभिन्न माध्यमों पर शिकायतों की स्थिति
- मुख्यमंत्री संदर्भ: 212 में से 206 का निस्तारण
- पीजी पोर्टल: 404 में से 394 का समाधान
- ऑनलाइन पोर्टल: 233 में से 229 निपटान
- मुख्यमंत्री हेल्पलाइन: 1,850 में से 1,831 मामलों का निपटारा
ये आंकड़े प्रशासन की पारदर्शिता, संवेदनशीलता और जनहितकारी दृष्टिकोण को दर्शाते हैं।
घर बैठे समाधान, तकनीक के साथ संवेदनशीलता का मेल
IGRS प्रणाली विशेष रूप से दिव्यांगजनों के लिए एक मजबूत मंच बनकर उभरी है। अब वे घर बैठे अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं, जिनका समाधान निश्चित समय सीमा के भीतर किया जा रहा है। यह प्रक्रिया “सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास” के मंत्र को व्यवहार में उतारने का जीवंत उदाहरण है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं दिव्यांगजनों की समस्याओं को लेकर विशेष रूप से संवेदनशील हैं। उन्होंने कई बार अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि किसी भी दिव्यांगजन की शिकायत को प्राथमिकता देते हुए मानवीय दृष्टिकोण से समाधान किया जाए।