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तीन दिवसीय मंदाकिनी स्वच्छता श्रमदान अभियान हुआ संपन्न

चित्रकूट में मंदाकिनी नदी सफाई अभियान का समापन, जनसहभागिता से दिया स्वच्छता और संरक्षण का संदेश

चित्रकूट में माँ मंदाकिनी को स्वच्छ और निर्मल बनाने के लिए चलाए जा रहे जल गंगा संवर्धन अभियान के तीसरे और अंतिम दिन जन-जागरूकता कार्यक्रम का समापन हुआ। इस अवसर पर मध्य प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री और सतना जिले के प्रभारी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, उत्तर प्रदेश सरकार के श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री मोहनलाल पंथ (मन्नू कोरी) और मध्य प्रदेश की राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी ने भरत घाट पर पहुँचकर सामूहिक श्रमदान में भाग लिया।

कार्यक्रम के दौरान मंदाकिनी नदी की सफाई कर वहां मौजूद लोगों को स्वच्छता और नदी संरक्षण का संदेश दिया गया। मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आह्वान पर यह अभियान दीनदयाल शोध संस्थान द्वारा जनसहयोग से संचालित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य चित्रकूट की जीवन रेखा मानी जाने वाली मंदाकिनी नदी को पुनः निर्मल और स्वच्छ बनाना है।

उन्होंने बताया कि यह सफाई अभियान केवल एक दिन का नहीं होगा, बल्कि वर्षभर जारी रहेगा। इस कार्य में मानव श्रम के साथ-साथ आधुनिक मशीनों का भी सहयोग लिया जाएगा। घाट पर श्रमदान करते हुए स्थानीय नागरिक, स्वयंसेवक, नगर पंचायत कर्मी और कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने नदी तल से गाद, घास और अन्य अपशिष्ट निकाला।

श्रमदाताओं ने इस पहल को सराहनीय बताते हुए संकल्प लिया कि हर सप्ताह एक दिन वे स्वयं श्रमदान करेंगे, ताकि मंदाकिनी को हमेशा स्वच्छ बनाए रखा जा सके। साथ ही, तीर्थनगरी चित्रकूट में यात्रियों के लिए मूलभूत सुविधाओं की मांग करते हुए मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश सरकारों का ध्यान इस ओर आकर्षित किया गया।

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