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“शिमला से नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर का बयान – “आतंक की फैक्ट्री को मिला करारा जवाब“
शिमला, 09 मई – भारत-पाकिस्तान के बीच हालिया तनाव के बीच हिमाचल प्रदेश में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने बयान जारी करते हुए कहा कि पाकिस्तान की धरती पर पल रहे आतंक को करारा जवाब मिला है। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना ने न सिर्फ आतंकियों पर कड़ा प्रहार किया है, बल्कि उनके आकाओं को भी सबक सिखाया है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि यह कार्रवाई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रतिबद्धता और सेनाओं की दीर्घकालीन तैयारी का परिणाम है। उन्होंने प्रधानमंत्री के उस वादे को याद दिलाया जिसमें कहा गया था कि आतंकियों और उनके संरक्षकों को ऐसी सज़ा दी जाएगी, जिसकी उन्होंने कल्पना भी नहीं की होगी।
नेता प्रतिपक्ष ने बताया कि भारतीय सेना ने कंधार अपहरण कांड और 26/11 मुंबई हमले के साजिशकर्ता रऊफ अजहर को उसके परिवार सहित मार गिराकर देश के नागरिकों को न्याय दिलाया है। उन्होंने इसे एक ऐतिहासिक कार्रवाई बताया और कहा कि इससे भारत की आतंक के खिलाफ नीति और रणनीति की ताकत सामने आई है।
उन्होंने भारत द्वारा फ्रांस से राफेल लड़ाकू विमान की खरीद, रूस से एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम और देश में तेजस जैसे स्वदेशी लड़ाकू विमानों के निर्माण को भारत की सैन्य शक्ति का आधार बताया। साथ ही यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत अब रक्षा उत्पादों के मामले में आत्मनिर्भर बन चुका है, जिसका प्रमाण हाल ही में हुए हमलों के जवाब में दिया गया भारतीय सैन्य एक्शन है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि पाकिस्तान द्वारा किए गए सैकड़ों ड्रोन और मिसाइल हमलों का भारतीय सेना ने न सिर्फ डटकर सामना किया, बल्कि दुश्मन की क्षमता को भी पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। उन्होंने कहा कि आज भारत न केवल अपनी सीमाओं की रक्षा कर रहा है, बल्कि आतंकी ठिकानों पर आक्रामक कार्रवाई कर यह स्पष्ट कर रहा है कि अब नई दिल्ली की नीति ‘पहले प्रहार का जवाब, फिर प्रतिशोध’ की है।
उन्होंने प्रधानमंत्री के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि भारत अब रक्षा निर्यात में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है और हाल ही में यह आंकड़ा 22 हज़ार करोड़ के पार पहुंच चुका है। साथ ही मार्च 2019 में भारत द्वारा किया गया एंटी सैटेलाइट वेपन टेस्ट भी देश की तकनीकी क्षमता का उदाहरण है, जो अब सिर्फ चार देशों के पास उपलब्ध है।
अंत में जयराम ठाकुर ने कहा कि उरी, पुलवामा और अब पहलगाम जैसे हमलों के बाद भारत ने हर बार यह साबित किया है कि अब आतंक का जवाब उसी की भाषा में दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह ‘नया भारत’ है – जहां आतंक फैलाने वाले, उनके समर्थक और उनकी पनाहगाहें अब सुरक्षित नहीं रहेंगी।