बिल को फाड़कर मुंह पर फेंकना कांग्रेस की परंपरा: चिराग पासवान
“लोकसभा में हंगामे पर चिराग पासवान की कड़ी प्रतिक्रिया“
बुधवार को लोकसभा में उस समय भारी हंगामा हो गया जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा प्रस्तुत किए गए तीन अहम विधेयकों की प्रतियां विपक्षी सांसदों ने फाड़ दीं। इस घटनाक्रम को लेकर केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने कड़ी नाराज़गी जताई।
चिराग पासवान ने कहा कि विपक्ष का यह रवैया लोकतंत्र और संसद की गरिमा के खिलाफ है। उन्होंने स्पष्ट किया, “विपक्ष की लोकतंत्र में अपनी एक महत्वपूर्ण भूमिका होती है, जो रचनात्मक और सकारात्मक होनी चाहिए। मतभेद होने पर भी उन्हें संसदीय मर्यादाओं के तहत व्यक्त किया जाना चाहिए, यही लोकतंत्र की खूबसूरती है।”
उन्होंने आगे कहा कि संसद चर्चा और संवाद का मंच है, न कि अव्यवस्था फैलाने का। विपक्ष का यह आचरण न केवल अस्वीकार्य है बल्कि यह संसदीय परंपराओं का भी अपमान है।
गौरतलब है कि यह हंगामा तब हुआ जब केंद्र सरकार ने तीन महत्वपूर्ण विधेयक सदन में पेश किए, जिसका विरोध जताने के लिए विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी की और विधेयकों की प्रतियां फाड़ दीं।