नई दिल्ली, 8 अक्टूबर 2026। भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सेवा शुरू करने को लेकर स्टारलिंक भारत विवाद चर्चा में है। एलन मस्क ने आरोप लगाया है कि कुछ प्रभावशाली कारोबारी समूह स्टारलिंक की सेवाओं को भारत में शुरू होने से रोक रहे हैं। हालांकि, केंद्र सरकार ने इन आरोपों को बेबुनियाद और भ्रामक बताया है।
स्टारलिंक भारत विवाद पर सरकार का जवाब
संचार मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि भारत में सैटेलाइट कम्युनिकेशन के लिए निष्पक्ष और भेदभाव-रहित नियम लागू हैं। सरकार के अनुसार, तीनों लाइसेंस प्राप्त सैटेलाइट कंपनियां लगभग एक ही नियामकीय चरण में हैं।
फिलहाल कंपनियों की सुरक्षा जांच चल रही है। यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही वे स्पेक्ट्रम आवंटन के अगले चरण में पहुंच सकेंगी।
एलन मस्क ने क्या आरोप लगाए?
एलन मस्क का आरोप है कि कुछ कारोबारी हित बाजार में अपना दबदबा बनाए रखने के लिए स्टारलिंक को रोक रहे हैं।
हालांकि, सरकार ने इन दावों को खारिज किया है।
इस बीच स्टारलिंक ने भारत में 20 गेटवे साइट्स तैयार करने का दावा किया है।
कंपनी की वाइस प्रेसिडेंट लॉरेन ड्रायर ने 7 अक्टूबर को इंडिया मोबाइल कांग्रेस में
बताया कि भारतीय उपयोगकर्ताओं का डेटा भारत में ही रखने की व्यवस्था की गई है।
स्टारलिंक भारत विवाद के बीच कंपनी की व्यावसायिक सेवाएं शुरू होने की तारीख अभी स्पष्ट नहीं है।
FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न 1. भारत में स्टारलिंक इंटरनेट कब शुरू होगा?
उत्तर: कंपनी ने अभी आधिकारिक लॉन्च तारीख घोषित नहीं की है।
प्रश्न 2. सरकार ने एलन मस्क के आरोपों पर क्या कहा?
उत्तर: सरकार ने आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए सभी कंपनियों के लिए समान नियम होने की बात कही है।

