साइबर ठगी SPIR 2026 रिपोर्ट में ऑनलाइन धोखाधड़ी के पीड़ितों को लेकर कई अहम आंकड़े सामने आए हैं। कॉमन कॉज और लोकनीति-CSDS की रिपोर्ट के मुताबिक, डिजिटल वित्तीय ठगी का शिकार हुए 72 प्रतिशत पीड़ित अपना गंवाया पैसा वापस नहीं पा सके।
रिपोर्ट के लिए 16 राज्यों में 8,306 लोगों का सर्वे किया गया। इसके अलावा साइबर अपराध से जुड़े 37 लोगों से विस्तृत बातचीत की गई। सर्वे में करीब एक-तिहाई लोगों ने बताया कि उन्हें फर्जी डिलीवरी या ज्यादा रिटर्न वाले निवेश के नाम पर धोखाधड़ी वाली कॉल आती हैं।
साइबर ठगी SPIR 2026 रिपोर्ट में शिकायत पर क्या सामने आया?
रिपोर्ट के मुताबिक, 51 प्रतिशत पीड़ितों ने पुलिस में शिकायत की। वहीं, 11 प्रतिशत ने पुलिस से संपर्क किया, लेकिन मामले को आगे नहीं बढ़ाया। शिकायत करने वाले करीब आधे पीड़ितों ने पूरी प्रक्रिया को मुश्किल बताया।
दर्ज शिकायतों वाले 27 प्रतिशत पीड़ितों ने पुलिस को रिश्वत देने की बात कही।
इसके अलावा 22 प्रतिशत पीड़ित पैसा वापस पाने में बैंक की भूमिका से बहुत असंतुष्ट रहे।
करीब 20 प्रतिशत ने बैंक और पुलिस के बीच तालमेल पर असंतोष जताया।
हालांकि, साइबर ठगी SPIR 2026 रिपोर्ट के अनुसार करीब 75 प्रतिशत लोगों
का मानना है कि पुलिस साइबर अपराध से निपटने के लिए पूरी तरह या कुछ हद तक तैयार है।
FAQ
सवाल: कितने पीड़ितों को ठगी का पैसा वापस नहीं मिला?
जवाब: रिपोर्ट के अनुसार 72 प्रतिशत पीड़ित अपना पैसा वापस नहीं पा सके।
सवाल: कितने पीड़ितों ने रिश्वत देने की बात कही?
जवाब: दर्ज शिकायतों वाले 27 प्रतिशत पीड़ितों ने रिश्वत देने की बात कही।

