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दिल्ली रोहिणी आग हादसा | क्या है पूरा मामला?
दिल्ली रोहिणी आग हादसा बुधवार तड़के सामने आया, जिसने एक ही परिवार की जिंदगी खत्म कर दी। राजधानी के बुद्ध विहार इलाके में झुग्गियों में लगी भीषण आग में पति-पत्नी और उनकी करीब दो साल की बच्ची की दर्दनाक मौत हो गई।
दमकल विभाग के अनुसार, आग रात करीब 1:25 बजे लगी। सूचना मिलते ही छह दमकल गाड़ियों को मौके पर भेजा गया। कड़ी मेहनत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक तीनों की जान जा चुकी थी।
संकरी गलियों ने बढ़ाई मुश्किल
दिल्ली रोहिणी आग हादसा के दौरान राहत कार्य में सबसे बड़ी बाधा इलाके की संकरी गलियां बनीं। जिस प्लॉट में आग लगी, वहां प्लास्टिक और कबाड़ जमा था। आसपास घनी झुग्गियां होने के कारण आग तेजी से फैल गई।
दमकल की बड़ी गाड़ियां अंदर तक नहीं पहुंच सकीं, जिससे बचाव कार्य में देरी हुई। यही वजह रही कि नुकसान ज्यादा हुआ।
कबाड़ में लगी आग बनी वजह
दमकल अधिकारी अजय शर्मा के मुताबिक, दिल्ली रोहिणी आग हादसा की शुरुआत कबाड़ में लगी आग से हुई। ज्वलनशील सामग्री के कारण आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप ले लिया।
फिलहाल पुलिस और अन्य एजेंसियां आग लगने के कारणों की जांच कर रही हैं। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1. दिल्ली रोहिणी आग हादसा कब हुआ?
यह हादसा बुधवार तड़के करीब 1:25 बजे हुआ।
Q2. इस हादसे में कितने लोगों की मौत हुई?
इस घटना में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हुई।
Q3. आग लगने का मुख्य कारण क्या था?
प्रारंभिक जांच में कबाड़ में लगी आग को कारण बताया गया है।
Q4. क्या आग पर काबू पा लिया गया है?
हाँ, दमकल विभाग ने आग पर पूरी तरह काबू पा लिया है।