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“जयराम ठाकुर ने लॉटरी प्रणाली शुरू करने के फैसले को बताया जनविरोधी, सुक्खू सरकार पर लगाए गंभीर आरोप“
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रदेश सरकार द्वारा लॉटरी प्रणाली को दोबारा शुरू करने के फैसले की कड़ी आलोचना करते हुए इसे जनविरोधी और प्रदेशहित के खिलाफ बताया है। उन्होंने कहा कि यह वही योजना है, जिसे पूर्व मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल ने जनता के हित में बंद किया था, क्योंकि इससे कई परिवार बर्बादी के कगार पर पहुंच गए थे और कुछ मामलों में आत्महत्याएं तक हुई थीं।
जयराम ठाकुर ने यह भी याद दिलाया कि पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की सरकार ने भी लॉटरी प्रणाली को बंद किया था, और जब भाजपा सरकार के दौरान कुछ लोगों ने इसे फिर से शुरू करने का प्रस्ताव रखा, तो सरकार ने उनसे मिलना तक बंद कर दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सुक्खू सरकार ने पंजाब में किसी डील के तहत यह निर्णय लिया है, जो बेहद चिंताजनक है।
उन्होंने कहा कि इस फैसले के पीछे कुछ अन्य ताकतें सक्रिय हैं और दावा किया कि मुख्यमंत्री रहते हुए उन पर भी इसी तरह का दबाव बनाया गया था, जिसे उन्होंने साफ तौर पर खारिज कर दिया था।
2023 की भीषण आपदा का ज़िक्र करते हुए जयराम ठाकुर ने केंद्र सरकार से विशेष राहत पैकेज की मांग दोहराई। उन्होंने राज्य सरकार से सवाल किया कि 4500 करोड़ रुपये के पैकेज की घोषणा के बाद अब तक सिर्फ पहली किस्त ही लोगों तक पहुंची है, जबकि शेष राशि का कोई स्पष्ट विवरण नहीं है।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रभावित क्षेत्रों के लिए परियोजना-आधारित विशेष पैकेज की जरूरत है, ताकि वास्तविक लाभ जरूरतमंद लोगों तक पहुंच सके।
कैबिनेट मंत्री जगत सिंह नेगी के एक बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि “इस व्यक्ति में मानवीय दृष्टिकोण नहीं है, मैं ज्यादा कुछ कहना नहीं चाहता।” उन्होंने स्पष्ट किया कि आगामी मानसून सत्र में भाजपा सरकार को हर मोर्चे पर घेरने के लिए तैयार है और जनहित के सभी मुद्दों को मजबूती से उठाया जाएगा।