तेजी से बढ़ती डिजिटल अर्थव्यवस्था 2029-30 तक राष्ट्रीय आय का पांचवां हिस्सा बनेगी
“भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था बनी विकास और रोजगार की नई धुरी”
पिछले एक दशक में भारत की अर्थव्यवस्था ने डिजिटल दिशा में तेज़ी से कदम बढ़ाए हैं। भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था रिपोर्ट 2024 के अनुसार, भारत अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा डिजिटल देश है। साथ ही, डिजिटल उपयोगकर्ताओं की संख्या के मामले में वह G20 देशों में 12वें स्थान पर है।
रिपोर्ट के अनुसार, भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था देश की समग्र अर्थव्यवस्था की तुलना में लगभग दोगुनी गति से आगे बढ़ रही है। अनुमान है कि वर्ष 2029-30 तक डिजिटल अर्थव्यवस्था भारत की राष्ट्रीय आय में लगभग 20% का योगदान देगी, जो कृषि और विनिर्माण जैसे पारंपरिक क्षेत्रों को पीछे छोड़ देगी।
तेज़ी से बढ़ते क्षेत्र और योगदान
वर्ष 2022-23 में डिजिटल अर्थव्यवस्था का GDP में योगदान 11.74% था, जिसकी अनुमानित कीमत ₹31.64 लाख करोड़ (लगभग 402 अरब डॉलर) रही। इस क्षेत्र ने 14.67 मिलियन लोगों को रोजगार दिया, जो कुल कार्यबल का 2.55% है।
इसमें ICT सेवाएं, डिजिटल प्लेटफॉर्म, BFSI, खुदरा और शिक्षा जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
तेजी से डिजिटल हो रहा भारत
- डिजिटल इंटरमीडियरीज और प्लेटफॉर्म्स में सबसे तेज़ वृद्धि देखी गई है।
- BFSI क्षेत्र में भुगतान के 95% लेनदेन अब डिजिटल हो चुके हैं।
- शिक्षा में हाइब्रिड मॉडल अपनाया जा रहा है।
- खुदरा क्षेत्र थोक की तुलना में अधिक डिजिटल हो रहा है।
- आतिथ्य और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में मेटावर्स और AI टूल्स की बढ़ती मौजूदगी देखी जा रही है।
महिला भागीदारी में वृद्धि
डिजिटल प्लेटफॉर्म ने महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खोलने में अहम भूमिका निभाई है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां पारंपरिक बाधाएं अधिक थीं।
भविष्य की ओर कदम
AI, क्लाउड सेवाओं और वैश्विक क्षमता केंद्रों (GCCs) के विकास से भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था 2030 तक और तेज़ी से बढ़ेगी। भारत वर्तमान में दुनिया के लगभग 55% GCC का घर है।
