विपक्ष हमेशा अपनाता रहा है तुष्टिकरण की नीति : रवि शंकर प्रसाद
“वक्फ जेपीसी रिपोर्ट पर हंगामे को लेकर रवि शंकर प्रसाद का विपक्ष पर तीखा प्रहार“
नई दिल्ली, 13 फरवरी 2025 – पूर्व केंद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने वक्फ से संबंधित संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की रिपोर्ट को लोकसभा और राज्यसभा में पेश किए जाने के दौरान हुए विपक्षी हंगामे पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने विपक्षी दलों पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया में बाधा डालने और गंभीर विषयों पर सार्थक बहस से बचने का आरोप लगाया।
रवि शंकर प्रसाद का विपक्ष पर प्रहार
रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि विपक्ष का व्यवहार गैर-जिम्मेदाराना है और यह लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का अनादर करता है। उन्होंने कहा,
“जेपीसी की रिपोर्ट को संसद में प्रस्तुत किया जाना एक संवैधानिक प्रक्रिया का हिस्सा है। लेकिन विपक्ष बिना तर्क-वितर्क के केवल हंगामा कर रहा है, जिससे स्पष्ट होता है कि वे किसी ठोस चर्चा के लिए तैयार नहीं हैं।”
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ दलों की राजनीतिक रणनीति केवल अराजकता फैलाने और मुद्दों से ध्यान भटकाने तक सीमित रह गई है।
जेपीसी रिपोर्ट पर संसद में विरोध क्यों?
विपक्षी दलों ने वक्फ से जुड़े मामलों की समीक्षा करने वाली जेपीसी की रिपोर्ट को लेकर दोनों सदनों में जोरदार विरोध किया। उन्होंने आरोप लगाया कि रिपोर्ट में कई निष्कर्ष पक्षपातपूर्ण हैं और इससे समाज में मतभेद बढ़ सकते हैं।
इस मुद्दे पर रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि रिपोर्ट को लेकर कोई आपत्ति हो तो विपक्ष को लोकतांत्रिक ढंग से अपनी बात रखनी चाहिए, न कि संसद की कार्यवाही बाधित करनी चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि **जो भी रिपोर्ट में शामिल है, वह तथ्यों और निष्पक्ष समीक्षा पर आधारित है
