अपना शहर चुनेभारत

राज्यसभा में विपक्ष का हंगामा, सोमवार तक के लिए कार्यवाही स्थगित 

विपक्षी हंगामे के चलते राज्यसभा की कार्यवाही सोमवार तक स्थगित

शुक्रवार को राज्यसभा की कार्यवाही विपक्षी दलों के हंगामे और नारेबाजी के कारण दो बार स्थगित करनी पड़ी। पहले कार्यवाही को दोपहर 12 बजे तक और फिर पूरे दिन के लिए स्थगित किया गया। अब यह कार्यवाही सोमवार सुबह 11 बजे पुनः शुरू होगी।

सदन की कार्यवाही जैसे ही शुरू हुई, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, आरजेडी और अन्य विपक्षी दलों के सांसदों ने विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की मांग करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। उनकी प्रमुख मांगों में बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन रिव्यू, अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए टैरिफ, और देश के विभिन्न हिस्सों में पश्चिम बंगाल के श्रमिकों के साथ भेदभाव जैसे मुद्दे शामिल थे।

विपक्षी सांसदों ने नियम 267 के तहत इन मुद्दों पर चर्चा की मांग की, जोकि सदन के अन्य सभी कार्यों को स्थगित कर संबंधित मुद्दे पर चर्चा की अनुमति देता है। उपसभापति ने इन मांगों को अस्वीकार कर दिया और पूर्व में लिए गए निर्णयों का हवाला दिया। इससे नाराज विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी शुरू कर दी और वे अपनी सीटों से उठकर वेल में आ गए।

12 बजे जब कार्यवाही पुनः शुरू हुई, तब भी विपक्षी सांसदों का विरोध जारी रहा, जिससे सदन की कार्यवाही सोमवार तक स्थगित कर दी गई।

विपक्ष के जिन सांसदों ने नियम 267 के तहत चर्चा की मांग की, उनमें डॉ. सस्मित पात्रा, सुभाशीष खुंटिया, निरंजन बिशी, सुष्मिता देव, संजय सिंह, साकेत गोखले, राजीव शुक्ला, रीतीब्रता बनर्जी, सागरिका घोष, पीपी सुनील और वी. शिवादासन जैसे नाम शामिल हैं। उन्होंने महिला अपराध, मतदाता सूची रिव्यू, अमेरिकी टैरिफ और क्षेत्रीय भेदभाव जैसे विषयों पर चर्चा की आवश्यकता बताई।

उपसभापति ने इन सभी मांगों को अस्वीकार करते हुए कहा कि नियम 267 पर पहले भी ऐसे प्रस्तावों को खारिज किया गया है, और इसी परंपरा को ध्यान में रखते हुए वर्तमान मांगें भी स्वीकृत नहीं की जा सकतीं।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *