मऊः मशरूम की परियोजना में महिलाओं को प्रशिक्षण के साथ मिल रहा रोजगार
“विकसित भारत कृषि संकल्प अभियान के तहत शाहपुर गांव की महिलाएं बनीं आत्मनिर्भर, मशरूम की खेती से बदल रही हैं जीवन”
हापुड़ जनपद के गढ़मुक्तेश्वर के शाहपुर गांव में विकसित भारत कृषि संकल्प अभियान के अंतर्गत किसानों और ग्रामीणों को आधुनिक खेती से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इसी क्रम में, उद्यान विभाग से अनुदान लेकर दो वर्ष पूर्व शुरू की गई मशरूम की खेती अब गांव की करीब 200 महिलाओं के लिए रोजगार का स्थायी साधन बन चुकी है।
इस परियोजना ने न केवल कृषि में तकनीकी नवाचार को बढ़ावा दिया है, बल्कि ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत और सशक्त भी बनाया है। पहले जहां इन महिलाओं को दूसरे राज्यों में काम की तलाश में जाना पड़ता था, अब उन्हें अपने ही गांव में रोजगार प्राप्त हो रहा है।
शाहपुर में लगे इस मशरूम उत्पादन प्रोजेक्ट में प्रतिदिन लगभग 20 क्विंटल मशरूम का उत्पादन हो रहा है। साथ ही, कई महिलाएं प्रशिक्षण लेकर स्वयं भी मशरूम उत्पादन कर रही हैं और अपनी आय बढ़ा रही हैं। ये महिलाएं अब दूसरी ग्रामीण महिलाओं को भी प्रेरित कर रही हैं कि आधुनिक खेती के माध्यम से आत्मनिर्भर बना जा सकता है।
इस बदलाव के लिए महिलाओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार का आभार जताया है, जिन्होंने उन्हें स्वावलंबन और सशक्तिकरण की दिशा में आगे बढ़ाया।
बाइट्स में महिला कामगार सुनीता सैनी, बेबी और आरती देवी ने कहा कि अब उन्हें काम के लिए बाहर नहीं जाना पड़ता, बल्कि गांव में ही सम्मानजनक और लाभकारी रोजगार मिल रहा है।
यह उदाहरण दिखाता है कि अगर सही योजनाएं और तकनीकी समर्थन मिले, तो गांव की महिलाएं भी आर्थिक विकास की धुरी बन सकती हैं।
