
- 0
- 10 words
रायपुर के डीडीयू ऑडिटोरियम में आयोजित लोकतंत्र सेनानी सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता इंद्रेश कुमार ने आपातकाल के दौर में लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले सेनानियों को श्रद्धापूर्वक याद किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने “आपातकाल के योद्धा” स्मारिका का विमोचन किया और राज्य स्तरीय निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि लोकतंत्र सेनानी सम्मान समारोह केवल अतीत को याद करने का अवसर नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को लोकतंत्र और संविधान के महत्व से परिचित कराने का माध्यम है। उन्होंने अपने परिवार से जुड़ी आपातकाल की स्मृतियों का उल्लेख करते हुए बताया कि उनके बड़े पिताजी स्वर्गीय नरहरि साय 19 महीने तक जेल में रहे थे।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि वर्ष 1975 का आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का कठिन दौर था। वहीं इंद्रेश कुमार ने युवाओं से राष्ट्र प्रथम की भावना अपनाने और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में प्रदेशभर से आए लोकतंत्र सेनानी, जनप्रतिनिधि और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। इस अवसर पर लोकतंत्र और संविधान के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।
FAQ
प्रश्न 1: लोकतंत्र सेनानी सम्मान समारोह कहाँ आयोजित हुआ?
उत्तर: यह कार्यक्रम रायपुर के डीडीयू ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया।
प्रश्न 2: समारोह में मुख्य रूप से कौन-कौन शामिल हुए?
उत्तर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, डॉ. रमन सिंह, इंद्रेश कुमार सहित कई जनप्रतिनिधि और लोकतंत्र सेनानी शामिल हुए।