बेंगलुरु, 18 अक्टूबर 2026। कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई की खबर सामने आई है। 17 अक्टूबर को टाउन हॉल के पास आयोजित विरोध प्रदर्शन में करीब 50 लोगों को हिरासत में लिए जाने की रिपोर्ट है। हालांकि, अलग-अलग समाचार रिपोर्टों में यह संख्या अलग बताई गई है।
कर्नाटक में SIR विरोध प्रदर्शन की वजह
प्रदर्शन में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) से जुड़े कार्यकर्ता और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने SIR प्रक्रिया वापस लेने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण में पारदर्शिता और पात्र मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा पर जोर दिया।
पुलिस कार्रवाई और प्रदर्शनकारियों की रिहाई
पुलिस के अनुसार, टाउन हॉल में प्रदर्शन की अनुमति नहीं थी। आयोजकों को फ्रीडम पार्क में प्रदर्शन करने के लिए कहा गया था।
इसके बावजूद प्रदर्शन होने पर पुलिस ने हस्तक्षेप किया। हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को चामराजपेट स्थित CAR मैदान ले जाया गया। बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया।
SIR प्रक्रिया क्या है?
SIR का पूरा नाम Special Intensive Revision है। इसके तहत मतदाता सूची की विशेष जांच और पुनरीक्षण किया जाता है।
इसका उद्देश्य मतदाता सूची को अद्यतन रखना है।
हालांकि, प्रक्रिया के दौरान पात्र मतदाताओं के नाम और अधिकार सुरक्षित रखना भी जरूरी है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न 1: कर्नाटक में SIR विरोध प्रदर्शन कहां हुआ?
उत्तर: यह प्रदर्शन बेंगलुरु के टाउन हॉल क्षेत्र में हुआ।
प्रश्न 2: कितने लोगों को हिरासत में लिया गया?
उत्तर: करीब 50 लोगों की खबर है, जबकि कुछ रिपोर्टों में 75 से 80 लोगों का उल्लेख है।
प्रश्न 3: क्या हिरासत में लिए गए लोगों को छोड़ दिया गया?
उत्तर: उपलब्ध समाचार रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को बाद में रिहा कर दिया।

