वैश्विक स्तर पर भर्ती की धीमी गति के बावजूद भारत का फॉर्मल जॉब मार्केट मजबूत
“भारत में फॉर्मल जॉब मार्केट में मजबूती, मई में नौकरियों में 8.9% की वृद्धि, जनरेटिव AI भूमिकाओं की मांग दोगुनी“
वैश्विक स्तर पर भर्ती में मंदी के बावजूद भारत का फॉर्मल जॉब मार्केट एक बार फिर रफ्तार पकड़ रहा है। ग्लोबल जॉब प्लेटफॉर्म इंडीड की ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक, मई 2025 में भारत में जॉब पोस्टिंग में 8.9% की वृद्धि दर्ज की गई है, जो हाल के महीनों के ठहराव के बाद एक मजबूत वापसी को दर्शाता है।
महामारी से पहले के स्तर से 80% अधिक सक्रियता
रिपोर्ट बताती है कि भारत का जॉब मार्केट अब महामारी से पहले की तुलना में लगभग 80% अधिक सक्रिय है। इंडीड के एशिया-पैसिफिक क्षेत्र के वरिष्ठ अर्थशास्त्री कैलम पिकरिंग के अनुसार,
किन क्षेत्रों में हुई सबसे अधिक नौकरियों की बढ़ोतरी?
पिछले तीन महीनों में 80% से अधिक व्यवसायों में नई जॉब पोस्टिंग देखी गईं। इनमें कुछ प्रमुख क्षेत्र हैं:
- चाइल्ड केयर – 27% वृद्धि
- पर्सनल केयर और होम हेल्थ – 25% वृद्धि
- शिक्षा क्षेत्र – 24% वृद्धि
- प्रोडक्शन और मैन्युफैक्चरिंग – 22% वृद्धि
इन आंकड़ों से सामाजिक और औद्योगिक क्षेत्रों में बढ़ती मांग का संकेत मिलता है।
टेक सेक्टर बना मुख्य आधार
भारत में सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट सेक्टर जॉब मार्केट का बड़ा हिस्सा बना हुआ है। इंडीड पर हर 5 में से 1 जॉब पोस्टिंग इसी सेक्टर से संबंधित है।
जनरेटिव AI की मांग में उछाल
रिपोर्ट का एक खास पहलू यह है कि जनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से संबंधित नौकरियों की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है:
- मई 2025 तक सभी जॉब पोस्टिंग में 1.5% में जनरेटिव AI का जिक्र था – यह आंकड़ा पिछले साल की तुलना में दोगुना है।
- जनरेटिव AI की भूमिकाएं केवल टेक और डेटा एनालिटिक्स तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये अब साइंटिफिक रिसर्च, मार्केटिंग और मैनेजमेंट तक फैल रही हैं।
क्षेत्रीय हब्स की भूमिका
- कर्नाटक और तेलंगाना जनरेटिव AI जॉब्स के लिए प्रमुख केंद्र बनकर उभरे हैं।
- महाराष्ट्र अब भी कुल जॉब पोस्टिंग के मामले में सबसे आगे है।
