नई दिल्ली, 16 अक्टूबर 2026। भारतीय बैंकिंग क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव सामने आया है। कनाडा की प्रमुख निवेश कंपनी Fairfax Financial को IDBI बैंक की 60.72 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने के लिए रणनीतिक खरीदार के रूप में मंजूरी मिली है। इस सौदे की कुल कीमत लगभग ₹52,878 करोड़ बताई गई है।
IDBI बैंक में विदेशी निवेश से बदलेगा मालिकाना ढांचा
इस सौदे के तहत केंद्र सरकार अपनी 30.48 प्रतिशत और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) अपनी 30.24 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचेगा। सौदा पूरा होने के बाद Fairfax Financial बैंक की बहुमत शेयरधारक बन जाएगी।
सरकार के पास लगभग 15 प्रतिशत और LIC के पास करीब 19 प्रतिशत हिस्सेदारी बनी रहेगी। हालांकि, अंतिम स्वामित्व हस्तांतरण आवश्यक नियामकीय मंजूरियों पर निर्भर करेगा।
ग्राहकों और बैंकिंग क्षेत्र पर क्या होगा असर?
विशेषज्ञों के अनुसार, विदेशी निवेश से बैंक की पूंजी, तकनीकी सेवाओं और कारोबारी विस्तार को मजबूती मिलने की संभावना है।
हालांकि, ये संभावित फायदे हैं, जिनकी कोई गारंटी नहीं है।
बैंक के मौजूदा ग्राहकों के बचत खाते, फिक्स्ड डिपॉजिट और ऋण समझौते केवल मालिकाना बदलाव के कारण स्वतः समाप्त नहीं होंगे।
IDBI बैंक में विदेशी निवेश को सरकार की विनिवेश नीति के महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।
अब निवेशकों की नजर अंतिम मंजूरियों और बैंक की भविष्य की कारोबारी रणनीति पर रहेगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न 1. IDBI बैंक की कितनी हिस्सेदारी बेची जाएगी?
उत्तर: कुल 60.72 प्रतिशत हिस्सेदारी प्रस्तावित सौदे में शामिल है।
प्रश्न 2. इस सौदे की कीमत कितनी है? उत्तर: लगभग ₹52,878 करोड़।
प्रश्न 3. क्या ग्राहकों के बैंक खाते प्रभावित होंगे?
उत्तर: केवल मालिकाना बदलाव से मौजूदा खाते स्वतः बंद नहीं होंगे।

