नई दिल्ली, 18 अक्टूबर 2026। भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों की बिकवाली चर्चा का विषय बनी हुई है। रिपोर्ट के अनुसार, अक्टूबर 2026 में अब तक विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने लगभग ₹52,100 करोड़ की निकासी की है। वहीं, पूरे वर्ष में कुल निकासी करीब ₹3.12 लाख करोड़ बताई गई है। हालांकि, इन आंकड़ों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली के पीछे क्या कारण हैं?
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिकी ब्याज दरें, डॉलर की मजबूती और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता विदेशी निवेश को प्रभावित करती हैं। इसके अलावा, भारतीय शेयरों का ऊंचा मूल्यांकन भी निवेशकों को मुनाफावसूली के लिए प्रेरित कर सकता है।
जब विदेशी संस्थागत निवेशक बड़ी मात्रा में शेयर बेचते हैं, तो बाजार में दबाव बढ़ने की आशंका रहती है।
सेंसेक्स और निफ्टी पर क्या होगा असर?
विदेशी निवेशकों की बिकवाली से सेंसेक्स और निफ्टी में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है। खासकर बैंकिंग, आईटी और वित्तीय क्षेत्र के शेयर प्रभावित हो सकते हैं।
हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों और म्यूचुअल फंड की खरीदारी बाजार को सहारा दे सकती है।
निवेशकों को कंपनियों के तिमाही नतीजों, रुपये की स्थिति और वैश्विक आर्थिक संकेतों पर नजर रखनी चाहिए।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न 1: विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से पैसा क्यों निकालते हैं?
उत्तर: बेहतर वैश्विक रिटर्न, ब्याज दरों में बदलाव और मुनाफावसूली इसके प्रमुख संभावित कारण हैं।
प्रश्न 2: अक्टूबर 2026 में कितनी निकासी हुई?
उत्तर: उपलब्ध रिपोर्ट में लगभग ₹52,100 करोड़ की निकासी का दावा किया गया है।
प्रश्न 3: क्या विदेशी बिकवाली से शेयर बाजार गिर सकता है?
उत्तर: हां, बिकवाली से दबाव बढ़ सकता है। हालांकि, घरेलू खरीदारी और सकारात्मक आर्थिक संकेत गिरावट को सीमित कर सकते हैं।

