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“दिल्ली कूच के लिए तैयार किसान संगठन, पंजाब में बीजेपी नेताओं पर विरोध का ऐलान“
किसानों को दिल्ली में प्रवेश से रोकने के लिए पुलिस प्रशासन ने कड़े बंदोबस्त किए हैं। दिल्ली-हरियाणा शंभू बॉर्डर पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। सड़कों पर कीलें लगाई गई हैं और कंक्रीट की दीवारें बनाई गई हैं ताकि किसानों का कूच रोका जा सके। किसान अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।
तमिलनाडु से किसानों का समर्थन
तमिलनाडु के त्रिची में संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) के राज्य अध्यक्ष पी. अय्याकन्नू ने कहा कि एमएस स्वामीनाथन रिपोर्ट के अनुसार किसानों को उनकी लागत का 150 प्रतिशत मूल्य देने की सिफारिश की गई थ
उन्होंने यह भी घोषणा की कि 16 दिसंबर को तमिलनाडु में रेलवे विरोध प्रदर्शन होगा और उसके बाद तमिलनाडु के किसान दिल्ली कूच करेंगे।
शंभू बॉर्डर पर किसान नेताओं का बयान
शंभू बॉर्डर पर किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा:
उन्होंने बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि पंजाब में बीजेपी नेताओं के प्रवेश का विरोध किया जाएगा। पंधेर ने किसानों से आह्वान करते हुए कहा कि उन्हें खबर मिली है कि हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी अमृतसर जाने वाले हैं।
किसानों की मुख्य मांगें
किसान संगठनों का आंदोलन मुख्य रूप से न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी और अन्य किसान मुद्दों पर केंद्रित है। किसानों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
निष्कर्ष:
दिल्ली की ओर किसानों के कूच को रोकने के लिए सरकार द्वारा सख्त कदम उठाए गए हैं, लेकिन तमिलनाडु से लेकर पंजाब तक किसान अपनी मांगों को लेकर एकजुट होकर प्रदर्शन कर रहे हैं। पंजाब में बीजेपी नेताओं के विरोध के ऐलान से सियासी माहौल और गर्मा सकता है।