भारत और यूके के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर बातचीत जारी, सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए उठाए कदम

“भारत और यूके ने द्विपक्षीय संबंधों को मज़बूत करने और फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर बातचीत जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई“

भारत और यूनाइटेड किंगडम ने आपसी सहयोग को और अधिक सशक्त करने की दिशा में एक और कदम बढ़ाया है। लंदन में आयोजित 13वें इकोनॉमिक एंड फाइनेंशियल डायलॉग के दौरान दोनों देशों ने फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) और द्विपक्षीय निवेश संधि (बीआईटी) को लेकर बातचीत जारी रखने की सहमति जताई।

इस संवाद की सह-अध्यक्षता भारत की केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और ब्रिटेन की चांसलर ऑफ एक्सचेकर रेचल रीव्स ने की। कार्यक्रम के बाद जारी संयुक्त बयान में बताया गया कि ब्रिटेन ने अपनी प्रस्तावित औद्योगिक रणनीति साझा की, जिसमें उन्नत विनिर्माण, जीवन विज्ञान (लाइफ साइंसेज), स्वच्छ ऊर्जा, वित्तीय और व्यावसायिक सेवाएं, रचनात्मक उद्योग, और रक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावना जताई गई है।

दोनों देशों ने यह माना कि ब्रिटेन की विशेषज्ञता और अनुसंधान क्षमताएं भारत को वैश्विक विनिर्माण केंद्र के रूप में उभरने में सहयोग कर सकती हैं। साथ ही, यह साझेदारी दोनों देशों में रोजगार सृजन और आर्थिक विकास को गति देने में भी सहायक होगी।

भारत और यूके ‘भारत-ब्रिटेन रक्षा औद्योगिक रोडमैप’ पर हस्ताक्षर करने की संभावना पर विचार कर रहे हैं, जिससे रक्षा क्षेत्र में औद्योगिक सहयोग को बढ़ावा मिलेगा और आपूर्ति शृंखला (सप्लाई चेन) को सुदृढ़ किया जा सकेगा।

वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में भी दोनों देशों ने हाल के वर्षों में हुए द्विपक्षीय व्यापार का स्वागत किया और इसे आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम करने की इच्छा जताई। बयान के अनुसार, दिसंबर 2024 में भारत की गिफ्ट सिटी (IFSCA) में आयोजित होने वाले फाइनेंशियल मार्केट्स डायलॉग ने बैंकिंग, बीमा, पेंशन, पूंजी बाजार और सतत वित्त के क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने का अवसर प्रदान किया है। इस वर्ष के अंत में इसका अगला संस्करण लंदन में आयोजित किया जाएगा।

इस उच्च-स्तरीय संवाद में भारतीय रुपये के अंतरराष्ट्रियकरण पर भी चर्चा की गई, जिससे रुपया भविष्य में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा के रूप में स्थापित हो सकेगा।

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