तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने राज्य में पारदर्शी और जन-केंद्रित शासन को लेकर बड़ा संदेश दिया है। उन्होंने भ्रष्टाचार-मुक्त तमिलनाडु बनाने के लिए जनता और सरकारी अधिकारियों से सहयोग की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ मिशन मोड में काम करना चाहती है।
विजय ने तमिलनाडु की जनता को मिले समर्थन के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि लोगों ने जाति और धर्म के विचारों से ऊपर उठकर सरकार का साथ दिया। साथ ही जनता ने धन और बाहुबल की राजनीति को भी नकारा।
भ्रष्टाचार मुक्त तमिलनाडु के लिए जीरो टॉलरेंस
मुख्यमंत्री के मुताबिक, केवल सरकारी प्रयासों से भ्रष्टाचार समाप्त नहीं हो सकता। इसके लिए आम लोगों और अधिकारियों को भी जीरो टॉलरेंस की नीति अपनानी होगी। सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाना भी जरूरी है।
उन्होंने अधिकारियों से ईमानदारी के साथ जिम्मेदारी निभाने की अपील की।
वहीं, नागरिकों से भ्रष्टाचार को स्वीकार नहीं करने और उसके खिलाफ आवाज उठाने को कहा।
सामाजिक न्याय और जन-केंद्रित सरकार पर जोर
सीएम विजय ने अपनी सरकार को जन-केंद्रित और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों पर काम करने वाली सरकार बताया।
उनका कहना है कि जनता ने जिस विश्वास के साथ समर्थन दिया है, उसे बेहतर शासन के जरिए कायम रखना सरकार की जिम्मेदारी है।
भ्रष्टाचार मुक्त तमिलनाडु का लक्ष्य प्रशासन और जनता के बीच भरोसा मजबूत करने से भी जुड़ा है।
पारदर्शी सरकारी सेवाएं और शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
FAQ
प्रश्न: सीएम सी. जोसेफ विजय ने भ्रष्टाचार पर क्या कहा?
उत्तर: उन्होंने जनता और अधिकारियों से भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस अपनाने की अपील की।
प्रश्न: सरकार का प्रमुख लक्ष्य क्या बताया गया है?
उत्तर: पारदर्शी, जन-केंद्रित और भ्रष्टाचार-मुक्त शासन स्थापित करना प्रमुख लक्ष्य बताया गया है।
प्रश्न: जनता से क्या अपील की गई?
उत्तर: नागरिकों से भ्रष्टाचार को स्वीकार न करने और भ्रष्ट गतिविधियों के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की गई।

