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अयोध्या दान घोटाला मामले में सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) को जांच की मौजूदा स्थिति पर विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही अदालत ने केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को भी नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। याचिकाओं में अयोध्या दान घोटाला की निष्पक्ष जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से कराने की मांग की गई है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि मंदिर में मिले दान के कथित गबन के आरोपों की स्वतंत्र एजेंसी से जांच होनी चाहिए। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने अभी CBI जांच का आदेश नहीं दिया है। फिलहाल अदालत ने पहले SIT की प्रगति रिपोर्ट और सभी पक्षों का जवाब तलब किया है।
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इस मामले की अगली सुनवाई में अदालत SIT की रिपोर्ट और सरकारों के जवाब का अध्ययन करेगी।
इसके बाद यह तय होगा कि जांच मौजूदा एजेंसी के माध्यम से जारी रहेगी
या किसी अन्य एजेंसी की आवश्यकता है।
अयोध्या दान घोटाला से जुड़ा यह मामला न्यायिक प्रक्रिया में है और अंतिम निर्णय सुप्रीम कोर्ट की आगामी सुनवाई के बाद ही सामने आएगा।
FAQ (हिंदी)
प्रश्न 1: अयोध्या दान घोटाला मामला क्या है?
उत्तर: यह मामला राम मंदिर में मिले दान के कथित गबन से जुड़े आरोपों और उनकी जांच की मांग से संबंधित है।
प्रश्न 2: सुप्रीम कोर्ट ने क्या निर्देश दिया है?
उत्तर: कोर्ट ने SIT से स्टेटस रिपोर्ट मांगी है और केंद्र, यूपी सरकार तथा ट्रस्ट को नोटिस जारी किया है।
प्रश्न 3: क्या CBI जांच का आदेश दिया गया है?
उत्तर: नहीं, फिलहाल CBI जांच का आदेश नहीं दिया गया है।