ताजा रिपोर्ट के अनुसार, 6 नवंबर को दिल्ली का औसत AQI 382 दर्ज किया गया। यह बहुत खराब श्रेणी में आता है। ऐसे में लोगों की स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं बढ़ गई हैं।
बारिश के बावजूद प्रदूषण क्यों बढ़ रहा है?
दिल्ली-NCR वायु प्रदूषण के पीछे वाहनों का धुआं, निर्माण स्थलों की धूल और औद्योगिक उत्सर्जन प्रमुख कारण हैं। इसके अलावा, हवा की धीमी गति प्रदूषक कणों को वातावरण में रोके रख सकती है।
बारिश से कुछ समय के लिए धूल और प्रदूषक कण कम हो सकते हैं। हालांकि, प्रदूषण के स्रोत सक्रिय रहने पर स्थिति फिर खराब हो सकती है।
स्वास्थ्य पर पड़ सकता है असर
खराब हवा बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों के लिए परेशानी बढ़ा सकती है। विशेषज्ञ प्रदूषण के दौरान बाहरी गतिविधियां सीमित रखने और जरूरत पड़ने पर N95 मास्क पहनने की सलाह देते हैं।
दिल्ली-NCR में प्रदूषण रोकने के उपाय
प्रशासन ने प्रदूषण नियंत्रण के लिए GRAP के तीसरे चरण की पाबंदियां लागू की हैं।
लोगों को भी अपने क्षेत्र का AQI देखकर सावधानी बरतनी चाहिए।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न 1: बारिश के बाद भी AQI क्यों बढ़ता है?
उत्तर: वाहनों के उत्सर्जन, धूल और धीमी हवा के कारण प्रदूषण दोबारा बढ़ सकता है।
प्रश्न 2: AQI 200 से ऊपर होने का क्या मतलब है?
उत्तर: भारतीय मानकों के अनुसार 201 से 300 तक AQI खराब श्रेणी में आता है।
प्रश्न 3: प्रदूषण से कैसे बचें?
उत्तर: AQI जांचें, अनावश्यक बाहरी गतिविधियां कम करें और जरूरत पड़ने पर N95 मास्क पहनें।

