नई दिल्ली, 2 नवंबर 2026। IDBI बैंक निजीकरण और प्रस्तावित हिस्सेदारी बिक्री के विरोध में कर्मचारी संगठनों ने 2 और 3 नवंबर को देशव्यापी भूख हड़ताल का आह्वान किया है। कर्मचारी बैंक के स्वामित्व में बदलाव और अपनी सेवा शर्तों को लेकर चिंता जता रहे हैं।
IDBI बैंक निजीकरण के विरोध की वजह
केंद्र सरकार और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) की संयुक्त 60.72 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की योजना विवाद का प्रमुख कारण है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि निजीकरण से रोजगार सुरक्षा और कर्मचारियों की सुविधाओं पर असर पड़ सकता है।
हालांकि, निजीकरण का अर्थ अपने आप कर्मचारियों की छंटनी नहीं है। भविष्य में होने वाले बदलाव संबंधित नियमों और समझौतों पर निर्भर करेंगे।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
कर्मचारी संगठन प्रस्तावित हिस्सेदारी बिक्री रोकने और बैंक में सरकारी नियंत्रण बनाए रखने की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा, वे मौजूदा वेतन, पेंशन और सेवा संबंधी अधिकारों की सुरक्षा चाहते हैं।
बैंक ग्राहकों पर क्या होगा असर?
दो दिवसीय आंदोलन के दौरान कुछ शाखाओं में सेवाएं प्रभावित होने की आशंका है।
हालांकि, सभी शाखाओं के बंद रहने की पुष्टि नहीं हुई है।
ग्राहकों को बैंक की आधिकारिक सूचना देखकर जरूरी लेनदेन की योजना बनानी चाहिए।
FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न 1. IDBI बैंक कर्मचारियों का अनशन कब है?
उत्तर: कर्मचारी संगठनों ने 2 और 3 नवंबर 2026 को भूख हड़ताल का आह्वान किया है।
प्रश्न 2. कर्मचारी निजीकरण का विरोध क्यों कर रहे हैं?
उत्तर: कर्मचारी रोजगार सुरक्षा, सेवा शर्तों और सरकारी हिस्सेदारी बनाए रखने की मांग कर रहे हैं।
प्रश्न 3. क्या IDBI बैंक की सभी शाखाएं बंद रहेंगी?
उत्तर: सभी शाखाओं के बंद रहने की आधिकारिक पुष्टि नहीं है।

