प्रयागराज, 1 नवंबर 2026। उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा से जुड़े मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण आदेश दिया है। UPTET 2026 हाईकोर्ट आदेश के अनुसार, विवादित प्रश्न संख्या 36 और 37 को मूल्यांकन से बाहर रखकर प्रभावित अभ्यर्थियों के अंकों और परिणामों की दोबारा गणना करने का निर्देश दिया गया है।
न्यायमूर्ति विनोद दिवाकर ने 28 अक्टूबर 2026 को इस मामले में फैसला सुनाया। न्यायालय ने मूल्यांकन प्रक्रिया में समानता और अभ्यर्थियों के हितों को महत्वपूर्ण माना।
UPTET 2026 हाईकोर्ट आदेश से किसे मिलेगा लाभ?
अदालत के निर्देश के अनुसार, केवल याचिकाकर्ताओं को ही नहीं, बल्कि समान स्थिति वाले अन्य अभ्यर्थियों को भी संशोधित मूल्यांकन का लाभ मिलेगा।
प्रश्न संख्या 36 और 37 को हटाने के बाद 150 के बजाय 148 प्रश्नों के आधार पर निर्धारित अर्हता प्रतिशत लागू किया जाएगा।
इससे पात्रता सीमा के करीब रहने वाले उम्मीदवारों के परिणाम प्रभावित हो सकते हैं।
हालांकि, संशोधित परिणाम जारी होने की तारीख की आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है।
UPTET 2026 हाईकोर्ट आदेश: अभ्यर्थी क्या करें?
अभ्यर्थियों को अपना रोल नंबर, अंकपत्र और पंजीकरण विवरण सुरक्षित रखना चाहिए।
साथ ही, संबंधित परीक्षा प्राधिकरण की आधिकारिक वेबसाइट पर संशोधित परिणाम की सूचना देखते रहना चाहिए।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न 1: हाईकोर्ट ने कौन से प्रश्न हटाने का निर्देश दिया?
उत्तर: प्रश्न संख्या 36 और 37 को मूल्यांकन से बाहर रखने का निर्देश दिया गया है।
प्रश्न 2: क्या सभी अभ्यर्थियों के अंक बढ़ेंगे?
उत्तर: नहीं। संशोधित अंक संबंधित मूल्यांकन प्रक्रिया पर निर्भर करेंगे।
प्रश्न 3: क्या संशोधित परिणाम से नौकरी मिलेगी?
उत्तर: पात्रता प्राप्त करने से सरकारी नौकरी की गारंटी नहीं मिलती। भर्ती के नियम अलग से लागू होंगे।

