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EVM बटन छेड़छाड़ चेतावनी क्या है?
Election Commission of India ने हाल ही में EVM बटन छेड़छाड़ चेतावनी जारी की है। आयोग ने साफ किया है कि ईवीएम के बटन पर गोंद, इत्र या कोई भी पदार्थ लगाना चुनावी अपराध माना जाएगा। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि मतदान प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनी रहे।
हाल के दिनों में कुछ अफवाहें सामने आई थीं कि कुछ लोग वोट की पहचान करने के लिए बटन पर इत्र या गोंद लगाते हैं। इसी के चलते यह EVM बटन छेड़छाड़ चेतावनी जारी की गई है।
चुनाव आयोग के सख्त निर्देश
चुनाव आयोग ने सभी मतदान अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे यह सुनिश्चित करें कि ईवीएम के बटन साफ और स्पष्ट हों। किसी भी बटन पर टेप, गोंद या अन्य पदार्थ नहीं होना चाहिए।
अगर किसी मतदान केंद्र पर ऐसी गतिविधि पाई जाती है, तो तुरंत कार्रवाई होगी। संबंधित अधिकारी को इसकी जानकारी उच्च अधिकारियों को देनी होगी। EVM बटन छेड़छाड़ चेतावनी के तहत जरूरत पड़ने पर री-पोल भी कराया जा सकता है।
क्यों जरूरी है यह चेतावनी?
EVM बटन छेड़छाड़ चेतावनी का उद्देश्य वोट की गोपनीयता बनाए रखना है। भारत में मतदान पूरी तरह गुप्त होता है। अगर कोई बटन पर कोई पदार्थ लगाता है, तो वह वोट की पहचान करने की कोशिश करता है।
यह लोकतंत्र के नियमों के खिलाफ है। इसलिए आयोग इस पर सख्त नजर रख रहा है।
चुनाव से पहले बढ़ी सख्ती
West Bengal और Tamil Nadu में होने वाले चुनाव से पहले यह चेतावनी जारी की गई है। इन राज्यों में मतदान के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोकने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1. क्या EVM के बटन पर इत्र लगाना अपराध है?
हाँ, EVM बटन छेड़छाड़ चेतावनी के अनुसार यह चुनावी अपराध है।
Q2. अगर कोई ऐसा करता है तो क्या होगा?
उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी और जरूरत पड़ने पर मतदान रद्द भी हो सकता है।
Q3. क्या इससे वोट की गोपनीयता प्रभावित होती है?
हाँ, इसलिए आयोग ने इसे पूरी तरह प्रतिबंधित किया है।