PIL खत्म करने की मांग | सरकार का बड़ा बयान, सुप्रीम कोर्ट ने जताई सतर्कता

भारत के सुप्रीम कोर्ट की इमारत और कोर्ट कार्यवाही का दृश्यसुप्रीम कोर्ट में PIL खत्म करने की मांग पर सुनवाई

हाल ही में Supreme Court of India में सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने PIL खत्म करने की मांग को लेकर अहम तर्क पेश किए। सरकार का कहना है कि जनहित याचिका का कॉन्सेप्ट अब पुराना हो चुका है और इसे खत्म करने पर विचार होना चाहिए। सरकार के अनुसार, पहले के समय में लोग गरीबी और जागरूकता की कमी के कारण अदालत तक नहीं पहुंच पाते थे। इसलिए PIL एक जरूरी माध्यम था। लेकिन अब डिजिटल युग में ई-फाइलिंग और ऑनलाइन सिस्टम ने न्याय तक पहुंच आसान बना दी है।

इसी वजह से PIL खत्म करने की मांग तेज हो रही है।

दूसरी ओर, सुप्रीम कोर्ट ने इस मुद्दे पर संतुलित रुख अपनाया। अदालत ने कहा कि वह पहले से ही PIL मामलों पर सतर्क रहती है। केवल उन्हीं याचिकाओं पर सुनवाई होती है, जिनमें ठोस आधार होता है। यह मामला Sabarimala Temple से जुड़ी सुनवाई के दौरान उठा, जहां कई रिव्यू पिटीशन दाखिल की गई हैं। इस बहस ने न्याय व्यवस्था और आम लोगों के अधिकारों को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है।

Amit Kumar | Vishwas Prakash

FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

1. PIL खत्म करने की मांग क्यों उठी है?
सरकार का मानना है कि अब तकनीक के कारण कोर्ट तक पहुंच आसान हो गई है, इसलिए PIL की जरूरत कम हो गई है।

2. सुप्रीम कोर्ट का इस पर क्या कहना है?
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह पहले से ही PIL मामलों में सतर्कता बरतता है।

3. क्या PIL पूरी तरह खत्म हो सकती है?
अभी इस पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है। बहस जारी है।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *