केंद्र ने इरेडा बॉन्ड को धारा 54ईसी के तहत कर लाभ का दर्जा दिया

“इरेडा बॉन्ड्स को मिला 54EC टैक्स छूट का दर्जा, नवीकरणीय ऊर्जा को मिलेगा बढ़ावा“


केंद्र सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र की नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के वित्तपोषण से जुड़ी संस्था भारतीय नवीकरणीय ऊर्जा विकास एजेंसी लिमिटेड (IREDA) द्वारा जारी बॉन्ड्स को आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 54EC के तहत कर छूट का दर्जा प्रदान किया है। यह अधिसूचना 9 जुलाई, 2025 से प्रभावी हो गई है।

नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने इरेडा द्वारा जारी इन बॉन्ड्स को ‘दीर्घकालिक निर्दिष्ट परिसंपत्ति’ के रूप में अधिसूचित किया है। इस फैसले से न केवल निवेशकों को दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ (LTCG) कर में छूट मिलेगी, बल्कि नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को कम लागत पर पूंजी जुटाने में भी आसानी होगी।

मुख्य विशेषताएं:

  • ये बॉन्ड्स कम से कम पांच वर्षों के लिए होते हैं और अधिसूचना के लागू होने के बाद जारी किए गए बॉन्ड्स पर छूट मिलेगी।
  • आयकर अधिनियम की धारा 54EC के तहत, पात्र निवेशक इन बॉन्ड्स में अधिकतम 50 लाख रुपये प्रति वित्तीय वर्ष निवेश करके एलटीसीजी कर से बच सकते हैं।
  • जुटाई गई राशि का उपयोग विशेष रूप से उन अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं में किया जाएगा जो अपने परियोजना राजस्व से ऋण चुकाने में सक्षम हैं।

प्रभाव और लाभ:

  • इरेडा को सस्ती पूंजी प्राप्त होगी, जिससे वह अधिक परियोजनाओं को वित्तपोषित कर सकेगी।
  • यह फैसला देश में हरित ऊर्जा क्षेत्र के वित्तीय ढांचे को मजबूत करने में मदद करेगा।
  • निवेशकों को एक सुरक्षित और टैक्स-सेविंग विकल्प मिलेगा, जिससे उनकी भागीदारी बढ़ने की उम्मीद है।

सरकार का यह कदम पर्यावरण अनुकूल ऊर्जा स्रोतों को प्रोत्साहन देने और देश के हरित विकास लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

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