गोवा में साओ जोआओ उत्सवः लोगों ने खूबसूरत कोंकणी गीतों पर किया नृत्य
“पारंपरिक उल्लास और आधुनिक रंगों के साथ गोवा में साओ जोआओ त्योहार की धूम”
गोवा के सिओलिम गांव में प्रसिद्ध साओ जोआओ त्योहार को पारंपरिक उत्साह और आधुनिक अंदाज़ के साथ मनाया गया। इस उत्सव में स्थानीय युवाओं ने रंग-बिरंगे पारंपरिक वस्त्र पहनकर नाच-गाने, संगीत, और कुओं में कूदने जैसी पारंपरिक रस्मों में पूरे जोश के साथ भाग लिया।
त्योहार की सबसे खास और आकर्षक परंपरा — कुओं में कूदने की रस्म — इस वर्ष भी युवाओं के बीच खासा लोकप्रिय रही, जो उत्सव में प्रकृति और आस्था के जुड़ाव को दर्शाती है। इसके अलावा, रंगीन नाव प्रतियोगिता और स्थानीय संगीत प्रस्तुतियों ने पूरे माहौल को जीवंत और उत्सवमय बना दिया।
साओ जोआओ, जो कि संत जॉन द बैपटिस्ट के सम्मान में मनाया जाता है, गोवा की सांस्कृतिक विरासत और समुदायिक एकता का प्रतीक बन गया है। यह उत्सव न केवल धार्मिक भावना से जुड़ा है, बल्कि सामाजिक मेल-जोल और लोक परंपराओं को जीवंत बनाए रखने का भी माध्यम है।
