योग दिवस पर योगी सरकार का अनूठा प्रयास, वृद्धाश्रमों और सर्वोदय विद्यालयों में गूंजे योग के मंत्र
“योग दिवस पर वृद्धाश्रमों और सर्वोदय विद्यालयों में अनूठी पहल, योग से सशक्त हो रहा समाज“
11वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के समाज कल्याण विभाग ने एक अनूठी और प्रभावशाली पहल की। प्रदेश के सभी 75 जिलों में संचालित वृद्धाश्रमों और जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों में विशेष योग कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
इस वर्ष की थीम “योगा फॉर वन अर्थ, वन हेल्थ” के तहत आयोजित इन कार्यक्रमों में बुजुर्गों, छात्रों और शिक्षकों ने मिलकर सामूहिक योगाभ्यास किया। योग प्रशिक्षकों ने योग के लाभ और दैनिक जीवन में उसकी महत्ता पर जागरूकता फैलाते हुए समाज के वंचित वर्गों को स्वास्थ्य और सशक्तता की दिशा में प्रेरित किया।
वृद्धाश्रमों में आत्मबल और स्वास्थ्य की ओर कदम
प्रदेश के वृद्धाश्रमों में रह रहे 6,500 से अधिक बुजुर्गों ने योग विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में योगाभ्यास किया। वाराणसी स्थित वृद्धाश्रम में बीएचयू के योग विशेषज्ञ डॉ. विनोद कुमार पटेल ने बुजुर्गों और स्टाफ को योग का प्रशिक्षण दिया। वहीं, महोबा के आधारशिला वृद्धाश्रम में योगाचार्य प्रेम नारायण स्वर्णकार ने विशेष योग सत्र का संचालन किया। बहराइच के अमीनपुर नगरौर वृद्धाश्रम में भी योगाचार्य अजय कुमार चौधरी और अन्य विशेषज्ञों ने बुजुर्गों को सरल योगासन सिखाए।
कार्यक्रम में जिला समाज कल्याण अधिकारी सहित कई स्थानीय अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित रहे। प्रशिक्षकों ने वृद्धजनों को प्रतिदिन योग करने के लिए प्रेरित किया जिससे वे स्वस्थ और आत्मनिर्भर जीवन जी सकें।
सर्वोदय विद्यालयों में छात्रों का जोश
योग दिवस पर जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों में भी योगाभ्यास का आयोजन उत्साहपूर्वक किया गया। चकिया, चंदौली के हेतिमपुर विद्यालय में शिक्षक, कर्मचारी और विद्यार्थियों ने मिलकर सामूहिक योग किया। विद्यार्थियों ने प्राणायाम, सूर्य नमस्कार, वज्रासन, ताड़ासन जैसे योगासन किए।
योग प्रशिक्षकों ने उन्हें मानसिक एकाग्रता बढ़ाने, तनाव दूर करने और अनुशासित जीवनशैली अपनाने के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि योग न केवल शरीर को मजबूत और लचीला बनाता है, बल्कि मानसिक शांति और संतुलन भी प्रदान करता है।
