कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने की बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के कामकाज की समीक्षा
“कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने की बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के कार्यों की समीक्षा, आत्मनिर्भरता पर दिया जोर“
रांची, 31 मई – झारखंड की कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने शुक्रवार को रांची स्थित बिरसा कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू) के कामकाज की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली, शोध गतिविधियों, रिक्त पदों की स्थिति और वित्तीय आत्मनिर्भरता पर विस्तृत चर्चा की गई।
मंत्री ने विश्वविद्यालय को आंतरिक स्रोतों से राजस्व बढ़ाने पर विशेष बल देने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि बीएयू को ऐसी रणनीति बनानी चाहिए, जिससे वह छोटी आवश्यकताओं के लिए राज्य सरकार पर निर्भर न रहे और धीरे-धीरे आत्मनिर्भर बने।
रिक्त पदों की नियुक्ति के लिए पहल
शिल्पी नेहा तिर्की ने विश्वविद्यालय में शिक्षकों, वैज्ञानिकों और अधिकारियों के रिक्त पदों पर नियुक्ति के लिए झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) के माध्यम से शीघ्र पहल का आश्वासन दिया। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से अब तक जेपीएससी को भेजी गई अधियाचन की प्रतियां शीघ्र उपलब्ध कराने को कहा, ताकि वे व्यक्तिगत स्तर पर आवश्यक कार्रवाई कर सकें।
तकनीकी कार्यक्रमों के प्रभाव पर जोर
कृषि मंत्री ने कहा कि विश्वविद्यालय जिन गांवों में तकनीकी विकास कार्यक्रम चला रहा है, वहां उसका व्यावहारिक प्रभाव दिखना चाहिए। उन्होंने बताया कि अक्टूबर में मोरहाबादी मैदान में एक विराट कृषि मेला आयोजित किया जाएगा, जिसमें राज्य भर के किसान भाग लेंगे। इस मेले में बीएयू की भूमिका अहम होगी।
राज्य स्तरीय बौद्धिक कार्यशाला का आयोजन
मंत्री ने बीएयू, आईसीएआर और झारखंड के अन्य संबद्ध संस्थानों में हो रहे अनुसंधानों के निष्कर्षों पर आधारित एक दो दिवसीय राज्य स्तरीय बौद्धिक कार्यशाला आयोजित करने के निर्देश दिए। इस कार्यशाला का उद्देश्य राज्य की जनता को अनुसंधान के लाभों से अवगत कराना और उनसे राजस्व में वृद्धि के अवसर तलाशना होगा।
