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“रांची की हुस्ना बानो : ममता की मिसाल, तीस बच्चों की बनीं मां“
रांची की हुस्ना बानो अपने नाम की तरह ही खूबसूरत दिल रखने वाली महिला हैं, जो तीस बच्चों का पालन-पोषण कर रही हैं। इनमें से 25 बच्चियों की शादी भी करवा चुकी हैं। मातृत्व का ऐसा उदाहरण विरले ही देखने को मिलता है। अपनी आजीविका के लिए हुस्ना कागज़ के ठोंगे बनाकर जीवन चला रही हैं और इन बच्चों का पालन कर रही हैं।
मुख्य बातें:
- हुस्ना बानो ने अपने जीवन के पिछले 25 वर्षों में समाज के उपेक्षित बच्चों को अपनाया।
- शुरुआत उनके पति द्वारा एक लावारिस बच्ची को घर लाने से हुई, जिसके बाद यह सिलसिला चलता रहा।
- हुस्ना ने बच्चों की परवरिश का जिम्मा अकेले संभाला, पति के निधन के बाद ठोंगा बनाकर परिवार का खर्च चलाया।
- अब तक 25 बच्चियों की शादी कर चुकी हैं, बाकी बच्चों को भी सहेजकर आगे बढ़ा रही हैं।
- मोहल्ले में लोग उन्हें सम्मान की नजर से देखते हैं और उनकी ममता को प्रणाम करते हैं।
- उन्हें कई सम्मानों से नवाज़ा जा चुका है, जिनमें तत्कालीन राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू से मिला सम्मान भी शामिल है।
मातृ दिवस पर विशेष
हुस्ना बानो इस बात का प्रमाण हैं कि मां सिर्फ जन्म देने वाली नहीं होती, बल्कि प्रेम और त्याग की प्रतिमूर्ति होती है। वह उन चंद इंसानों में से हैं जो अपने कर्मों से समाज को रोशनी दिखाते हैं।