पशुओं को गर्मी में लू से बचाने के लिए एडवाइजरी जारी की I

“गर्मी से पशुओं की सुरक्षा के लिए सरकार की एडवाइजरी, जींद में पशुपालन विभाग सक्रिय”

गर्मी के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए प्रदेश सरकार ने पशुओं के संरक्षण और पशुपालकों को जागरूक करने के उद्देश्य से विशेष एडवाइजरी जारी की है। इसके तहत पशुओं को लू और तापमान के असर से बचाने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, जिनका पालन सुनिश्चित कराने के लिए जिला स्तर पर भी कदम उठाए जा रहे हैं।

जींद जिले में पशुपालन विभाग ने सभी पशु चिकित्सकों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि वे पशुपालकों को गर्मी से निपटने के उपायों की जानकारी दें। इस संबंध में जींद पोली क्लीनिक के वरिष्ठ पशु चिकित्सक डॉ. बलवंत ने बताया कि:

  • पशु शेड खुला, हवादार और ऊंची छत वाला हो
  • टीन की छत हो तो उस पर पराली या अन्य सामग्री बिछा दें, जिससे तापमान नियंत्रित रहे
  • शेड की दिशा पूर्व से पश्चिम होनी चाहिए
  • पशुओं को छायादार पेड़ के नीचे ही खुली जगह में बांधें
  • पंखे और डेजर्ट कूलर का इस्तेमाल करें
  • पशुओं को दिन में कम से कम दो बार तालाब या जोहड़ में ले जाएं
  • ठंडा और साफ पानी पिलाएं
  • छोटे पशुओं के लिए पानी की ऊंचाई पर विशेष ध्यान दें
  • गांव के सार्वजनिक स्थलों की पानी की हौदियों में साफ पानी उपलब्ध कराएं
  • हरे चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करें

डॉ. बलवंत ने यह भी बताया कि गर्मी के कारण दूध उत्पादन में गिरावट आना सामान्य है, लेकिन उष्मीय तनाव से बचाव कर पशुओं की सेहत और उत्पादन क्षमता को बनाए रखा जा सकता है। अगर किसी पशु को लू लग जाए तो तत्काल नजदीकी पशु चिकित्सा केंद्र से संपर्क करें।

वहीं, पशुपालकों ने भी विभाग द्वारा दिए गए सुझावों का स्वागत किया और कहा कि वे सभी दिशानिर्देशों का पालन करेंगे ताकि उनके पशु स्वस्थ रहें और गर्मी का प्रभाव न झेलें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *