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काशी तमिल संगम के तहत लगाए गए स्टॉल काशी और तमिल के संबंधों में मजबूती प्रदान कर रहे हैं

वाराणसी: काशी तमिल संगमम् में सांस्कृतिक संगम, महर्षि अगस्त्य पर केंद्रित प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र

वाराणसी के नमो घाट पर चल रहे काशी तमिल संगमम् के तीसरे संस्करण में काशी और तमिलनाडु के गहरे सांस्कृतिक संबंधों को प्रदर्शित करने के लिए घाटों पर विशेष स्टॉल लगाए गए हैं। यह कार्यक्रम 25 फरवरी तक चलेगा और इस बार महर्षि अगस्त्य के जीवन और योगदान को केंद्र में रखकर आयोजित किया गया है।

कार्यक्रम में एक विशेष चित्र प्रदर्शनी लगाई गई है, जिसमें महर्षि अगस्त्य की संपूर्ण जीवनी को प्रदर्शित किया गया है। इसके साथ ही, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के लिए किए गए प्रयासों को भी प्रदर्शनी में स्थान दिया गया है। इससे यहां आने वाले डेलिगेट्स काशी की समृद्ध परंपरा और विरासत को नजदीक से समझ सकेंगे।

प्रो. आर. चंद्रशेखर, निदेशक, केंद्रीय शास्त्रीय तमिल संस्थान, ने कहा कि इस आयोजन से दोनों संस्कृतियों का संगम और मजबूत होगा। वहीं, एम. गोविंद राजन ने भी इस पहल को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह कार्यक्रम भारत की सांस्कृतिक एकता को और अधिक सशक्त बनाएगा।

काशी तमिल संगमम् न केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम है, बल्कि यह भारत की विविधता में एकता को दर्शाने वाला महत्वपूर्ण मंच भी बन गया है।

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