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अरपा नदी में अवैध उत्खनन को लेकर हाईकोर्ट ने जताई नाराजगी

अरपा नदी में अवैध उत्खनन पर हाईकोर्ट सख्त, सख्त कार्रवाई के निर्देश

बिलासपुर, 13 फरवरी 2025 – छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने अरपा नदी में रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन को लेकर गंभीर नाराजगी जाहिर की है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही, राज्य शासन को इस समस्या के समाधान के लिए कड़े नियम बनाने और उन्हें प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए हैं।

अवैध उत्खनन से नदी खोखली, जल संकट गहराया

न्यायालय ने टिप्पणी की कि अरपा नदी में अवैध उत्खनन के कारण जल स्तर घट रहा है और लोग पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। अवैध रेत खनन की वजह से नदी की संरचना प्रभावित हो रही है, जिससे पर्यावरणीय असंतुलन बढ़ रहा है।

नगर निगम ने पेश की रिपोर्ट

राज्य शासन की ओर से एडिशनल एडवोकेट जनरल ने अदालत को सूचित किया कि 12 फरवरी को नगर निगम आयुक्त ने शपथ पत्र के माध्यम से जानकारी दी कि बिलासपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड मौजूदा संसाधनों के अनुसार सिर्फ 60% सीवरेज जल का ही ट्रीटमेंट कर सकता है।

कोर्ट की कड़ी टिप्पणी

न्यायालय ने इस रिपोर्ट पर नाराजगी जताते हुए कहा कि बीते दो-तीन वर्षों में अरपा नदी में अवैध उत्खनन के मामले तेजी से बढ़े हैं। कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिया कि अवैध खनन में लिप्त लोगों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए जाएं और उन पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

राज्य सरकार को दी सख्त चेतावनी

कोर्ट ने राज्य सरकार को अवैध रेत खनन रोकने के लिए और अधिक प्रभावी कदम उठाने को कहा। यह भी निर्देश दिया गया कि नियमों को और कठोर बनाया जाए ताकि भविष्य में इस तरह की गतिविधियों को रोका जा सके।

अरपा नदी के संरक्षण के लिए यह फैसला एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। स्थानीय प्रशासन पर अब इस आदेश को प्रभावी ढंग से लागू करने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।

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