अपना शहर चुनेभारत

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री धामी ने महाकुंभ 2025 में संगम में पवित्र लगाई पवित्र डुबकी

सीएम पुष्कर धामी ने परिवार संग त्रिवेणी संगम में लगाई पवित्र डुबकी

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपने परिवार के साथ उत्तर प्रदेश के प्रयागराज पहुंचे, जहां उन्होंने सोमवार सुबह महाकुंभ 2025 के दौरान त्रिवेणी संगम में पवित्र स्नान किया। उनके साथ उनकी पत्नी, मां और बेटा भी इस पवित्र अनुष्ठान में शामिल हुए। स्नान के बाद सीएम धामी ने संगम तट पर पक्षियों को दाना भी खिलाया।

धामी बोले – सौभाग्य की बात

मीडिया से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने महाकुंभ में शामिल होने के अवसर के लिए आभार व्यक्त किया और खुद को “सौभाग्यशाली” बताया। उन्होंने यह भी बताया कि हरिद्वार कुंभ 2027 की तैयारियां पहले से ही शुरू कर दी गई हैं।

उत्तराखंड मंडपम का निरीक्षण

इससे पहले, रविवार को मुख्यमंत्री धामी ने महाकुंभ 2025 में उत्तराखंड सरकार द्वारा स्थापित ‘उत्तराखंड मंडपम’ का दौरा किया। यहां उन्होंने तीर्थयात्रियों से मुलाकात कर उनके अनुभव जाने। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के अनुसार, उत्तराखंड सरकार ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष आवास और भोजन व्यवस्था की है।

सीएम धामी ने कहा कि उत्तराखंड मंडपम देश और दुनिया भर के भक्तों को उत्तराखंड की समृद्ध संस्कृति से परिचित कराने का मंच है। इसके साथ ही, यह प्रदेश के पारंपरिक उत्पादों को बढ़ावा देने का भी एक जरिया है। आधिकारिक बयान के अनुसार, मंडपम में उत्तराखंड की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को दर्शाने के लिए एक विशेष प्रदर्शनी भी लगाई गई है।

महाकुंभ में आध्यात्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों में भागीदारी

सीएम धामी ने प्रयागराज में निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि और परमार्थ निकेतन प्रमुख चिदानंद सरस्वती के साथ ‘समानता के साथ समरसता’ कार्यक्रम में भाग लिया। इसके अलावा, उन्होंने ‘भारतीय शिक्षा: राष्ट्रीय संकल्पना’ विषय पर आयोजित ज्ञान महाकुंभ में भी हिस्सा लिया।

महाकुंभ में श्रद्धालुओं की भारी भीड़

उत्तर प्रदेश सरकार के अनुसार, रविवार को लगभग 84.29 लाख भक्तों ने महाकुंभ 2025 में पवित्र स्नान किया। अब तक 42 करोड़ से अधिक श्रद्धालु इस भव्य आयोजन में आस्था की डुबकी लगा चुके हैं। महाकुंभ 2025 पौष पूर्णिमा (13 जनवरी, 2025) को शुरू हुआ था और यह 26 फरवरी, महाशिवरात्रि तक चलेगा। दुनिया का सबसे बड़ा यह आध्यात्मिक और सांस्कृतिक आयोजन लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहा है।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *