भारत और दक्षिण कोरिया ने अपने समग्र आर्थिक भागीदारी समझौते (CEPA) को अपग्रेड करने और द्विपक्षीय निवेश बढ़ाने के लिए हाल ही में महत्वपूर्ण चर्चा की। इस बैठक में कई प्रमुख मुद्दों पर बात की गई:
1. व्यापार और निवेश का विस्तार
दोनों देशों ने आपसी व्यापार को बढ़ावा देने और निवेश के अवसरों को विस्तारित करने के तरीकों पर चर्चा की। विशेष रूप से, भारतीय कंपनियों के लिए दक्षिण कोरिया में निवेश के अवसरों पर ध्यान केंद्रित किया गया।
2. टैक्स और कस्टम्स के मुद्दे
टैक्स और कस्टम्स प्रक्रियाओं में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया गया, ताकि व्यापार को सुगम बनाया जा सके और व्यापारिक बाधाएं कम की जा सकें।
3. तकनीकी सहयोग
भारत और दक्षिण कोरिया ने तकनीकी सहयोग को बढ़ाने पर भी जोर दिया। दोनों देशों के बीच नवाचार, अनुसंधान और विकास (R&D) के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देने के लिए कई प्रस्ताव पेश किए गए।
4. स्टार्टअप और SMEs का समर्थन
स्टार्टअप और छोटे एवं मझोले उद्यमों (SMEs) के विकास को बढ़ावा देने के लिए संयुक्त कार्यक्रमों की योजना बनाई गई। इससे दोनों देशों के उद्यमियों को लाभ होगा।
5. पर्यावरण और सतत विकास
पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के मुद्दों पर भी चर्चा हुई। दोनों देशों ने हरित प्रौद्योगिकियों और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों में सहयोग को मजबूत करने का आश्वासन दिया।

